आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव तरुणा साबे ने साड़ी पहनकर आई महिला परीक्षार्थी को एंट्री देने पर कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि साड़ी भारत की सांस्कृतिक पहचान और महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है।
राज्य में व्यापम भर्ती परीक्षा के दौरान एक महिला परीक्षार्थी को केवल इसलिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, क्योंकि उसने भारतीय पारंपरिक परिधान साड़ी पहन रखी थी, यह घटना न केवल महिला गरिमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है, बल्कि यह प्रशासनिक अमानवीयता और असंवेदनशीलता का भी उदाहरण है।
आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव तरुणा साबे ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि साड़ी भारत की सांस्कृतिक पहचान और महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है। किसी महिला को सिर्फ उसके पहनावे के आधार पर परीक्षा देने से रोकना न केवल संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन है, बल्कि यह एक महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है,
ये है मांग
1. संबंधित परीक्षा केंद्र प्रभारी व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत जांच व कार्रवाई की जाए।
2. पीड़ित महिला परीक्षार्थी को न्याय दिलाते हुए उसे दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाए।
3. भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसके लिए सभी केंद्रों को स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं। जिनमें पारंपरिक परिधान पहनने पर कोई रोक न हो।




