रायगढ़ जिला मुख्यालय में स्थित है गोगामेडी मंदिर जहां हिंदु और मुस्लिम दोनों ही समुदाय के लोग यहां एक जगह पूजा अर्चना कर मन्नते मांगते हैं। जन्माष्टमी के दूसरे दिन यहां मेले सा माहौल रहता है जहां हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। पीर बाबा का यह स्थल देश का दूसरा स्थल है। जाहरवीर गोगा मंदिर दर्शन करने पहुंची कामिनी शर्मा ने बताया कि यहां हिंदु, मुस्लिम पूरे सदभाव के साथ एक साथ पूजा करते हैं। यहां सांप्रदायिक एकता की मिशाल देखने को मिलती है। राखी के 9 दिन बाद लोग यहां पहुंचकर राखी चढ़ाने आते हैं। यहां पहुंचे बुजुर्ग बताते हैं कि गोगा बाबा को पीर बाबा भी कहा जाता है। गोगा बाबा जी हिंदु थे लेकिन उन्हें पीर का दर्जा मिला था। यहां दोनों धर्म के लोग पहुंचकर पूजा करते हैं। मंदिर के पास रहने वाले राज कुमार जैन ने बताया कि यह मंदिर देश का दूसरा मंदिर है। यह एक मजार रूपी मंदिर है, यहां हिंदु मुस्लिम सभी धर्म के लोग पूजा पाठ करके इबादत मांगते हैं। यहां चद्दर भी चढ़ाई जाती है और पूजा भी की जाती है। रक्षाबंधन के दिन हम जो राखी पहनते हैं उस राखी को 9 दिन बाद यहां चढ़ाने की परंपरा पिछले कई सालों से चली आ रही है। इसमे सभी वर्ग, सभी धर्म के लोग यहां आकर राखी चढ़ाते हैं। रायगढ़ के जूटमिल क्षेत्र में इस मंदिर का निर्माण हुए 70 साल का समय हो चुका है। यहां रायगढ़ के ही नही अपितु ओडिसा, झारखण्ड, बिहार से भी लोग अपनी आस्था लेकर यहां पहुंचते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गोगा नवमी के दिन यहां मनोकामना यात्रा निकलती है। जिसमें चार से पांच की संख्या में लोग गाजे-बाजे के साथ निशान लेकर निकलते हैं और यहां पहुंचकर बाबा को अर्पित करते हैं।




