रायपुर : गत 100 वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देश को दमन सहकर चमन प्रदान किया। वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बिना विचलित हुए तमाम प्रतिबंधों के बावजूद देश में अमन चैन प्रदान किया। उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रायपुर महानगर सह प्रचार प्रमुख मनीष कश्यप ने तात्यापारा नगर के रामकुंड बस्ती में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा. उन्होंने संघ के सौ वर्ष की संघर्षशील और विकासशील यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि, संघ की सौ वर्षों की यात्रा चार चरण की थी। इन चार चरणों में पहला चरण – 1925 से 1948 का उपहास और तिरस्कार का , दूसरा- 1948 से 1972 का दमन और अत्याचार का था, तीसरा-1971-2011 संघर्ष व आंदोलन का था. वहीँ चौथा, 2011 से अब तक को विजय ही विजय का है। संघ ने आनुषंगिक संगठनों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्व रोजगार सहित कई क्षेत्रों में देश में अमन चैन का नव सृजन किया।
उन्होंने पञ्च परिवर्तन के बारे में बतलाते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष में संघ, प्रमुखजन के सहयोग से इन पांच कार्य – सामाजिक समरसता, कुटुंब-प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन-शैली और नागरिक कर्तव्य को अपने व्यवहार में उतारने का आग्रह करेगा।
इस दौरान मुख्य रूप से वरिष्ठ स्वयंसेवक सुयश शुक्ला सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।




