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विजयादशमी के उपलक्ष्य में दिखा संघ – समाज का एकाकार भाव, भव्यता से निकला पथ संचलन

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विजयादशमी उत्सव
– संघ के सौ वर्ष की संघर्षशील और विकासशील यात्रा अनुकरणीय : प्रांत संघचालक
– अब संघ की संगठित शक्ति समाज में स्वीकार्य, समरस होकर करें परिवर्तन : प्रांत प्रचारक
– शताब्दी वर्षो की यात्रा में अब संघ समाज में विलीन होता जा रहा : कुलपति, रविवि
रायपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रायपुर महानगर के अंतर्गत विजयादशमी के उपलक्ष्य पर सभी नगरों में गत 25 सितबर से चलनेवाले उत्सव कार्यक्रम के 17 वें दिन 44 स्थान पर कार्यक्रम हुआ। सभी कार्यक्रमों में यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि समाज के लोगों की सहभागिता बढ़ी है / वे कार्यक्रम स्थलों में श्रोता बनकर, स्वागत टोली में स्वागत करते हुए, संचलन रूट पर दर्शक के रूप मौजूद रहे/ इस दौरान स्वयंसेवकों का मनोबल जहाँ उच्च स्तरीय था तो वहीँ वक्ताओं का संबोधन समाज के साथ मिलकर काम करने के अपीलीय भाव में था।
दीनदयाल नगर के रविशंकर बस्ती में देर शाम को हुए कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता रहे प्रांत संघचालक डॉ टोपलाल वर्मा संघ के सौ वर्ष की संघर्षशील और विकासशील यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि संघ अपने विविध कार्यक्रमों वृहद् गृह संपर्क अभियान, सामाजिक सद्भाव बैठक, युवाओं के कार्यक्रम, प्रमुखजन गोष्ठी के माध्यम से सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित करने का कार्य करेगा/ उन्होंने समाज में व्यापक 5 परिवर्तन के बारे में बतलाते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष के बाद प्रमुखजन के सहयोग से इन पांच कार्य – सामाजिक समरसता, कुटुंब-प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन-शैली और नागरिक कर्तव्य को अपने व्यवहार में उतारने का आग्रह करेगा यहाँ मुख्य अतिथि के रूप में रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय के कुलपति सच्चिदानंद शुक्ला मौजूद थें। उन्होंने कहा कि संघ की विश्वसनीयता ही है कि अब शताब्दी वर्षो की यात्रा में संघ समाज में विलीन होता जा रहा है/
वही मोवा नगर के दुबे कॉलोनी दुर्गा मंदिर – मोवा के भव्य संचलन में मुख्य वक्ता व प्रांत प्रचारक अभयराम जी ने कहा कि संघ के संस्थापक परम पूज्य डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार जी बाल्यकाल से देशभक्त और क्रांतिकारी थे/ उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में संघ कार्य बढाया। अब संगठन की शक्ति समाज में स्वीकार्य होती जा रही है/ जब संगठन की शक्ति बढती है तो समाज कदम से कदम मिलाकर चलना स्वीकार करता है/ उन्होंने समाज से अपील की कि वे पञ्च परिवर्तन में संघ से कदमताल कर व्यापक परिवर्तन की नींव गढ़े/
रायपुर महानगर के 14 नगर के कुल 44 बस्तियों में विजयादशमी उत्सव मनाया गया तथा संचलन किया गया। इन बस्तियों में से अवन्ती बिहार में रायपुर विभाग सह कार्यवाह राघव जोशी मुख्य वक्ता रहें। इसी प्रकार इनमें मुख्य रूप से अशोका रतन में जीतेंद्र जी, शीतल पारा में दीपक साहू , गोगांव में महेंद्र पटेल, शिवनगर बस्ती में हेमंत सैनी, त्रिमूर्ति नगर में आकाशदीप गुप्ता, पी एम आवास (दलदल सिवनी) में कृष्णा दास, शक्तिनगर में चंद्रकांत चंद्रवंशी, प्रगति नगर में श्रीनाथ गुप्ता, मठपुरैना में मनोज कश्यप, तेलीबांधा एन डॉ प्रशांत पाण्डेय, मौलश्री में जगदीश पटेल, अशोकनगर में आकाशदीप जी, गुदरिपारा में ईश्वरी कुम्भकार, पंडरी में बलराम यदु, कांशीराम नगर में विवेक वर्धन, कुकुरबेडा में डॉ प्रवीन झाड़ी और कुशाभाऊ ठाकरे बस्ती में नकुल सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में उद्बोधन दिया।
संपूर्ण कार्यक्रम में वक्ताओं ने संघ संस्थापक डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार की क्रांतिकारी जीवन यात्रा वृतांत, संघ की शताब्दी वर्ष की यात्रा में किये गए संघ कार्य को समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए पंच परिवर्तन को अपनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया। संघ के सौ वर्षों की यात्रा को चार चरण से सीख लेने की अपील की गई। इसमें उनलोगों ने इन 4 चरणों पहला चरण – 1925 से 1948 का उपहास और तिरस्कार का , दूसरा- 1948 से 1972 का दमन और अत्याचार का था, तीसरा-1971-2011 संघर्ष व आंदोलन का था/ वहीँ चौथा, 2011 से अब तक को विजय ही विजय का नाम दिया/ वक्ताओं ने यह भी बताया कि संघ अपने विविध कार्यक्रमों वृहद् गृह संपर्क अभियान, सामाजिक सद्भाव बैठक, युवाओं के कार्यक्रम, प्रमुखजन गोष्ठी के माध्यम से सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित करने का कार्य करेगा।
रायपुर महानगर में कुल 3114 गणवेशधारी स्वयंसेवक शामिल हुए तथा समाज से 1264 गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
आगामी 15 अक्टूबर तक चलनेवाले बस्तीशः विजयादशमी कार्यक्रम में अब तक 14 नगर के 131 बस्ती में से 113 स्थान में पथ संचलन का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।

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