(ब्यूरो चीफ – रतन कुमार)
दुर्ग। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में वीरगाथा प्रोजेक्ट 5.0 का संचालन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश के वीर नायकों और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों के प्रति विद्यार्थियों में देशभक्ति और नागरिक मूल्यों की भावना को प्रबल करना है।
दुर्ग जिले में इस प्रोजेक्ट का संचालन MyGov Portal के माध्यम से किया जा रहा है, जिसकी ऑनलाइन एंट्री की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2025 निर्धारित की गई है। इस संबंध में दुर्ग जिले के एपीसी एवं जिला प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर डॉ. शशि भूषण शर्मा ने बताया कि परियोजना का संचालन शाला स्तर पर किया जा रहा है, जिसमें विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत चार श्रेणियां बनाई गई हैं—
1️⃣ कक्षा 3 से 5,
2️⃣ कक्षा 6 से 8,
3️⃣ कक्षा 9 से 10,
4️⃣ कक्षा 11 से 12।
प्रत्येक श्रेणी से एक छात्र अथवा छात्रा का चयन कर विद्यालय की ओर से चार सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों की प्रविष्टि पोर्टल पर की जानी है। गतिविधियों में कविता, निबंध, अनुच्छेद, पेंटिंग, ड्राइंग और मल्टीमीडिया प्रस्तुति जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा ने बताया कि वीरगाथा प्रोजेक्ट का उद्देश्य साहसी कार्यों और वीरता की कहानियों को साझा कर विद्यार्थियों में देशप्रेम और नैतिकता की भावना विकसित करना है। उन्होंने सभी विद्यालयों से समयसीमा के भीतर एंट्री पूर्ण करने की अपील की।
इसी क्रम में पी.एम. श्री सेजेस बोरी, धमधा में वीरगाथा 5.0 परियोजना के तहत वीर सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को सम्मानित करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने निबंध, कविता, चित्रकला और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यालय स्तर पर चयनित सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी इस प्रकार रहे —
प्रथम श्रेणी: नेहा पटेल (कक्षा 5)
द्वितीय श्रेणी: रिद्धि देवांगन (कक्षा 8)
तृतीय श्रेणी: भूमिर साहू (कक्षा 9)
चतुर्थ श्रेणी: शीतला पटेल (कक्षा 11)
इन विद्यार्थियों को शिक्षिका श्रीमती गुलनाज़ बानो (प्राचार्य), श्रीमती दीपिका बघेल, श्रीमती सरस्वती थपलियाल, कुमारी सीनम सिद्धिकी, श्रीमती आरती, श्रीमती नमिता और प्राची द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए न केवल सीख का माध्यम बना, बल्कि देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को भी सशक्त किया।




