स्कूल प्रबंधन ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर कर रहा उगाई
सरकारी तंत्र खामोश
ब्यूरो चीफ संतोष साहू द्वारा
भाटापारा::- छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना सरस्वती सायकल योजना में दी जाने वाली सायकल की क्वालिटी इतने दोजम दर्जे की है कि सायकल चलाते समय छात्राओं को गिरने का भय सता ते रहता है,वही अंचल में सायकल वितरण के नाम पर लूट खसोट बेखौब जारी है,जिस पर शासन प्रशासन चुप्पी साध रखा है,विधायक इंद्र साव ने इस पूरे मामले को पूरे पुख्ता के साथ विधानसभा में उठाने की जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें लगता है शासन साइकल वितरण योजना से अब पल्ले खड़ा कर स्कूल शिक्षा विभाग को सौंप दिया है,जहां खुले आम ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर बिना कोई रसीद दिए 100 दो सो रुपए की अवैध वसूली का खेल क्षेत्र में बेखौब चल रहा है।
विदित हो कि कक्षा 09 वीं में प्रवेश लेने वाली सभी छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती सायकल वितरण योजना के अंतर्गत निःशुल्क सायकल प्रदान किया जाना है, जिसमें अनुसूचित जाति एवं जन जाति वर्ग की बालिकाओ के सांथ सांथ गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली छात्राओं को भी इस योजना में निःशुल्क सायकल प्रदान करना है ।शासन की इस योजना का उद्देश्य है कि बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त करने हेतु समीपस्थ हाई स्कूल आने जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो । बालिकाओं को स्कूल जाने में सहायता प्रदान करना है ताकि स्कूल छोड़ने जाने से पालक गण बच सके और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिले सके।

विधायक इंद्र साव ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का जमकर लाभ उठाया जा रहा है। जहां एक तरफ गरीबी रेखा से नीचे बच्चों को नि: शुल्क सायकल वितरण किया जाना चाहिए। वहीं सायकल की ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर 100 से 200 रुपए तक सरकारी स्कूलों में अवैध वसूली की जा रही है। छात्राओं से की जा रही इस वसूली की कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है। केवल मौखिक तौर पर कहा जा रहा है कि साइकिलों को स्कूल तक लाने का खर्चा देना पड़ेगा। इसके एवज में उनसे अवैध वसूली की जा रही है।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह उठता है। साइकिल वितरण अगर ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है तो प्रत्येक स्कूल तक उसे सायकल पहुंचाकर देना चाहिए। और अगर ऐसा नहीं करता है तो, उस पर कार्यवाही करनी चाहिए।वही उनके पास लगातार शाला प्रमुख द्वारा छात्राओ से 100 से 200 रुपए की ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर अवैध वसूली करने की शिकायत भी आ रही है।श्री साव ने कहा कि उनके क्षेत्र में साइकिल की गुणवत्ता भी काफी निम्न दर्जे की है,दोयम दर्जे की साइकिल वितरण की जा रही है।सायकल प्राप्त करने के बाद जो खुशी छात्राओं को मिलती है उससे कही ज्यादा निराशा उन्हें सायकल चलाने के दौरान महसूस होती है और यही कारण है कि साइकिल वितरण के पश्चात साइकिल दुकानों में साइकिल बनने का क्रम जारी है। जिससे उसकी गुणवत्ता का पता लगाया जा सकता है।
विधायक श्री साव ने सवाल किया कि साइकिल वितरण के लिए विभिन्न स्कूलों में लगातार समारोह आयोजित किये जा रहे हैं। जिनमें मंच, पंडाल माइक नाश्ता इत्यादि पर खर्चे किए जा रहे है,जो क्या, इसी अवैध रसूली से पूरे किए जा रहे हैं ।छात्राओं को साइकिल वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम का पैसा भी, छात्राओं को ही देना पड़ रहा है । इस तरह की व्यवस्था प्रदेश शासन की मंशा को उजागर करती है । जिन छात्राओं को सायकल, निशुल्क मिलने की घोषणा हो रही, उनसे अवैध वसूली के प्रति प्रशासन का मौन रहना मिली भगत की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता । विधायक श्री साव ने जोर देकर कहा कि शिक्षा विभाग सायकल वितरण के नाम पर इसी तरह अवैध वसूली छात्राओं से करता रहेगा तो वे इस पूरे विषय को विधानसभा के पटल पर पूरे पुख्ता सबूत के साथ नामजद रखेंगे।



