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सहकारी कर्मियों की मांगों पर शासन की अनदेखी धान खरीदी होगी प्रभावित

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ब्यूरो चीफ रतनकुमार

दुर्ग।सहकारी कर्मियों का आंदोलन 11 दिन जारी रहा ,पटवारी, ग्राम सेवक ,सहकारिता विभाग ने भी धान खरीदी से किया बाय बाय चार सूत्रीय मांगों को लेकर 3 नवंबर 2025 से सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर एवं आपरेटर संघ महासंघ रायपुर दोनों संगठन द्वारा मांगों को लेकर निरंतर शासन का ध्यान आकर्षण करने का प्रयास किया जा रहा है परंतु सहकारिता एवं खाद्य विभाग के कोई भी मंत्री ,सचिव ने महासंघ को वार्ता के लिए बुलाना मुनासीब नहीं समझा है। धान खरीदी ऐसे में कैसे हो पाएगी। शासन सहकारी समितियों में सहकार से समृद्धि लाना चाहती है। दूसरी ओर धान की सुखत से समितियां घाटे में चली गई है ।इसे कर्मचारियों को समय में वेतन नहीं मिल रहा है ।

धान खरीदी के कारण कर्मचारियों को जेल तक की हवा खानी पड़ी है और कोर्ट कचहरी जाते-जाते कई कर्मचारियों को शहीद भी होना पड़ा है ।आज धान खरीदी के बाद समय में परिवहन नहीं होना बहुत बड़ी समस्या है, जिससे किसानों की समिति को नुकसान हो रहा है और कर्मचारियों को 10 -12 महीने से तनख़ा नहीं मिल पा रही है। 15- 20 सालों लंबित इन मांगों के लिए कर्मचारी हड़ताल में जाते हैं और शासन लिखकर भी दे देता हैं। आश्वासन भी दे देता हैं,लेकिन अंततः मांग पूरी नहीं होती है। आज धान खरीदी के लिए शासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था किया गया है । जानकारी मिली है कि कृषि विस्तार अधिकारी ,पटवारी ,सहकारिता विभाग के कर्मचारी संघ ने धान खरीदी के कार्य से मुक्त होने छत्तीसगढ़ शासन, कलेक्टर को ज्ञापन सौंप दिए हैं ।ऐसे में 15 नवंबर को धान खरीदी हो पाना बिल्कुल संभव नहीं है।
आज सभी संभागों में धान की बोरियां लेकर किसानों को मंच पर आमंत्रण किया गया था ।सैकड़ों किसान शामिल हुए और हजारों की संख्या में कर्मचारी दैनिक, संविदा ,नियमित कर्मचारी डटे हुए हैं। कर्मचारियों ने ठान लिया कि इस बार चाहे निलंबन ,बर्खास्त ,जेल जाना पड़े लेकिन इस समय अपना मांग पूरा करा कर ही जाएंगे और विश्वास है कि छत्तीसगढ़ शासन चार सूत्रीय मांगों पर कल कैबिनेट में मोहर लगाएगी और कर्मचारी अपने धरना स्थल पर पटाखे, मिठाई बाटकर किसानों की सेवा में शामिल हो जाएंगे ।

उक्त जानकारी नरेंद्र कुमार साहू जिला कार्यवाहक अध्यक्ष ने दिया है

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