वनमंडल कार्यालय भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर मंत्री केदार कश्यप और विधायक लता उसेण्डी मौजूद रहीं। वहीं कोंडागांव में बस्तर ओलम्पिक-2025 का भव्य आगाज।
कोंडागांव जिले में प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने और वन विभाग के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से आज वनमंडल कार्यालय भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और कोंडागांव विधायक लता उसेण्डी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
विधायक लता उसेण्डी ने कहा कि यह भवन वन विभाग के लिए नई शुरुआत है, जो विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा, संसाधनों की कमी कई बार कार्यों में बाधा बनती है। इस नए भवन से हमारे अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और विभागीय कार्यों में गति आएगी। मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर को मुख्यमंत्री की पहल पर क्षेत्रीय विकास की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल वन विभाग की कार्यप्रणाली को सशक्त बनाएगी बल्कि कोंडागांव के समग्र विकास में भी योगदान देगी।
कोंडागांव में खेल प्रतिभाओं को मंच देने वाले जिला स्तरीय ‘बस्तर ओलम्पिक-2025’ का आगाज मंगलवार, 12 नवंबर को कोंडागांव में हुआ। खेलो इंडिया तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र, बड़े कनेरा रोड में आयोजित इस खेल महाकुंभ का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन 15 नवंबर तक चलेगा, जिसमें जिले भर से आए खिलाड़ी विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
उद्घाटन समारोह का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा जब विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना खुद मैदान में उतरीं। दोनों ने रस्साकशी में हिस्सा लिया और अपनी-अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए खेल भावना का परिचय दिया। इस दौरान मैदान में मौजूद दर्शकों और खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता था। इसी क्रम में विधायक उसेंडी और कलेक्टर पन्ना ने पारंपरिक तीरंदाजी मुकाबले में भी हिस्सा लिया। उन्होंने धनुष-बाण उठाकर सटीक निशाने लगाए, जिससे खेल भावना और बस्तर की पारंपरिक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में जिला पंचायत, जनपद पंचायत और नगरीय निकायों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष भी उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और इस आयोजन को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया। बस्तर ओलम्पिक का यह उत्सव न केवल खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का अवसर है, बल्कि यह बस्तर अंचल में खेल संस्कृति को नई दिशा देने वाला आयोजन साबित हो रहा है।



