ब्यूरो चीफ रतन कुमार
दुर्ग। थाना उतई। दुर्ग पुलिस ने जिले के उतई, नेवई, रिसाली सेक्टर एवं मैत्रीनगर क्षेत्रों में नकली पुलिस बनकर चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले कुख्यात ईरानी गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात, नकदी, मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त स्कूटी सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
नकली पुलिस बनकर की जाती थी वारदात
मामले की शुरुआत तब हुई जब ग्राम मर्रा निवासी तामिन बंजारे ने 4 नवंबर को उतई थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो अज्ञात युवक पुलिसकर्मी बनकर घर की तलाशी के नाम पर अलमारी से सोने-चांदी के जेवर चोरी कर ले गए। इस पर अपराध क्रमांक 444/2025 धारा 305(क), 332 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज और सकुर्लेट से हुई पहचान
उतई पुलिस और एसीसीयू टीम ने ग्राम मर्रा, गाड़ाडीह, पाटन से रायपुर तक के सभी संभावित मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्धों के फोटो आसपास के जिलों और थानों में सकुर्लेट किए गए। फुटेज व हुलिये के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान ईरानी गैंग से जुड़े सदस्यों के रूप में हुई।
गिरफ्तार आरोपी
1. मिस्कीन अली, पिता अरशद अली, उम्र 38 वर्ष, निवासी दलदल सिवनी, थाना पंडरी, रायपुर
2. महवाल अली, पिता स्व. युसुफ अली, उम्र 35 वर्ष, निवासी दलदल सिवनी, थाना पंडरी, रायपुर
दोनों आरोपी घटना के बाद घर छोड़कर फरार हो गए थे लेकिन पुलिस की घेराबंदी और मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए।
चश्मा बेचने के बहाने करते थे रैकी
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे चश्मा बेचने के बहाने विभिन्न गांवों में घूमते थे और उसी दौरान घरों की रैकी कर वारदात को अंजाम देते थे।
4 नवंबर को दोनों आरोपी बिना नंबर की नीली स्कूटी एक्सेस 125 से रायपुर से अमलेश्वर होते हुए पाटन और फिर ग्राम मर्रा पहुंचे। एक सुनसान खेत में स्थित घर में नकली पुलिसकर्मी और पत्रकार बनकर तलाशी के नाम पर जेवर चुरा लिए। चोरी किए गए आभूषणों को रायपुर के हलवाई लाइन स्थित विमला ज्वेलर्स में बेचकर 66,000 रुपये आपस में बांट लिए। मंगलसूत्र को मिस्कीन अली ने अपने घर में छिपाकर रखा था।
पहले भी की थीं वारदातें
दोनों आरोपियों ने बताया कि इससे पहले अक्टूबर माह में:
नेवई थाना क्षेत्र
रिसाली सेक्टर, भिलाई
मैत्रीनगर
तथा उतई के गाड़ाडीह गांव
में भी इसी तरीके से चोरी व लूट की घटनाएं की गई थीं।
जप्त सामान
बिना नंबर की नीली स्कूटी एक्सेस 125 (कीमत ₹50,000)
मोबाइल फोन (₹10,000)
सोने चांदी के जेवरात — मंगलसूत्र, टॉप्स, चांदी का पायल (कुल कीमत लगभग ₹70,000)
नकदी ₹20,000
घटना में उपयोग किए गए कपड़े
जप्त किए गए मंगलसूत्र की पहचान प्रार्थिया द्वारा कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कराई गई।
पुलिस टीम को सफलता
इस कार्रवाई में निरीक्षक महेश कुमार ध्रुव, उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा, सउनि नरेंद्र सोनी, आरक्षक राजीव दुबे, महेश यादव तथा एसीसीयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोपियों को पकड़कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।




