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जिले स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गोद ग्राम टेमरी में स्वच्छता उन्नयन पर विस्तृत बैठक आयोजित

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ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया

बेमेतरा  – कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा के मार्गदर्शन मे स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम स्तर पर स्वच्छता को सुदृढ़ करने एवं ग्रामीणों को स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु राज्यपाल छ. ग. शासन श्री रमेन डेका के गोद ग्राम टेमरी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) श्रीमती अभिलाषा आनंद द्वारा स्वच्छाग्रही समूह, ग्राम पंचायत के पंच–सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणों के साथ ग्राम में संचालित विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

 


श्रीमती अभिलाषा आनंद ने स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन, अपशिष्ट प्रबंधन और ग्राम को स्वच्छ एवं ओडीएफ प्लस प्लस बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला सतत प्रक्रिया है। उन्होंने ग्रामीणों को निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से जागरूक किया—

ग्राम में स्वच्छता सुधार हेतु दिए गए प्रमुख निर्देश
घर स्तर पर गीला और सूखा कचरा पृथक्करण—प्रत्येक घर में दो डस्टबिन का उपयोग कर कचरा अलग-अलग रखने का आग्रह किया गया। गीले कचरे से खाद निर्माण—हर घर में खाद गड्ढे बनाकर जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने पर जोर दिया गया। घर से निकलने वाले पानी के निपटान हेतु सोख्ता गड्ढे बनाने की आवश्यकता बताई गई ताकि गंदे पानी का बहाव खुले में न हो। बर्तन बैंक की स्थापना—ग्राम स्तर पर बर्तन बैंक शुरू कर डिस्पोज़ेबल सामानों के उपयोग पर रोक लगाने का सुझाव दिया गया। प्लास्टिक कचरे से ईको–ब्रिक्स बनाना—प्लास्टिक के सही निपटान और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने हेतु ईको ब्रिक्स निर्माण पर चर्चा हुई।प्लास्टिक जलाने पर रोक—पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक को न जलाने की शपथ दिलाई गई। टीपादान तैयार कर डस्टबिन निर्माण—स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर टिकाऊ डस्टबिन बनाने हेतु प्रेरित किया गया |घर-घर से सूखा कचरा नियमित संग्रहण—सफाईकर्मियों द्वारा समयबद्ध संग्रहण प्रणाली को मजबूत करने की बात कही गई। ग्रामीणों में व्यवहार परिवर्तन एवं स्वच्छता शिक्षा—स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वच्छाग्रही समूहों के माध्यम से निरंतर जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने पर बल।नाली सफाई, सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव और जलभराव रोकथाम पर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने भी अपने सुझाव साझा किए तथा ग्राम को मॉडल स्वच्छ ग्राम बनाने का संकल्प लिया। श्रीमती अभिलाषा आनंद ने उपस्थित सभी स्वच्छाग्रहियों और पंचायत प्रतिनिधियों को स्वच्छता के क्षेत्र में सतत प्रयास करने और शासन की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की।

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