ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
बेमेतरा :- छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के आदेशानुसार, श्रीमती सरोज नंद दास, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा के मार्गदर्शन एवं श्रीमती अनिता कोशिमा रावदे, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा के दिशा निर्देश में “राष्ट्रीय बालिका दिवस (24 जनवरी)” के उपलक्ष्य में एलाउंस पब्लिक स्कूल, बेमेतरा, पीएम श्री आत्मानंद शास० शिवलाल राठी अंग्रेजी माध्यम स्कूल, बेमेतरा, शास० उच्चत्तर माध्यमिक शाला बावामोहतरा, बेमेतरा, शास० कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बेमेतरा, शास० पूर्व माध्यमिक विद्यालय निनवा, आंगनबाड़ी केन्द्र बेमेतरा, हथमुड़ी, एवं निनवा तालुका साजा स्तर पर शास० पूर्व माध्यमिक शाला केसतरा, बोड़, आंगनबाड़ी केन्द्र साजा. विलेज लीगल एड क्लीनिक कुसभी एवं प्रतापपुर में कानूनी जागरूकता कार्यकम का आयोजन किया गया। श्रीमती अनिता कोशिमा रावटे, सचिव महोदया द्वारा पॉक्सो एक्ट अधिनियम, 2012, मोटर यान अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2019), बाल श्रम निषेध अधिनियम, गर्भाधान पूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन निषेध) अधिनियम, 1994, बाल विवाह उन्मूलन, 2025 के प्रावधानों, इसके साथ-साथ नालसा (आशा जागरूकता, समर्थन, सहायता और कार्रवाई), निःशुल्क विधिक सहायता अधिनियम, 1987, नालसा की न्यू स्कीम एवं सालसा द्वारा चलाए जा रहे अभियान, बालिकाओं को शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार, चिकित्सा देखभाल, संरक्षण और सम्मान पाने के हकदार के संबंध में जानकारी प्रदान किया गया।

श्री दिनेश तिवारी चीफ, एलएडीसी द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि इस दिवस की शुरूवात महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार ने 2008 में शुरूवात किया था। प्रत्येक वर्ष आज के दिन बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। हरबेटी को सशक्त बनाना एवं एक मजबूत भारत का निर्माण करना है।
बालिकाएं समाज तथा देश की आधारशीला है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि पुरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। बालिकाओं को समान अवसर और सुरक्षित वातावरण करना और एक शसक्त तथा समावेशी भारत के निर्माण के लिए अनिवार्य है। महिलाओं के विरूद्ध हिंसा, लैंगिक भेदभाव और बालिकावाद जैसे सामाजिक कुरूतियों के उन्मूलन के लिए जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता है। इसके साथ बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं को अनिवार्य शिक्षा प्रदाय किये जाने हेतु अभिभावकों, शिक्षकों युवाओं तथा समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी के संबंध में जानकारी प्रदान किया गया। डॉ. दिलीप चन्द्रवंशी, चिकित्सा अधिकारी द्वारा बालिकाओं की स्वास्थ्य जॉच, बालिकाओं के लिए पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता के संबंध में जानकारी प्रदान कर उपस्थित बालिकाओं का बीपी, शुगर, सिकलसेल स्वास्थ्य जाँच, एवं आवश्यक दवाई उपलब्ध कराई गयी। उक्त कार्यक्रम में श्री दिनेश तिवारी, चीफ, एलएडीसी, श्री व्योम श्रीवास्तव, जिला बाल संरक्षण, अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, सखी वन स्टाप सेन्टर के समस्त स्टॉफ, श्री सूरज मिश्रा, डिप्टी चीफ, एलएडीसी, समस्त असिस्टेंट, एलएडीसी, डॉ. प्रीति ठाकुर, चिकित्सा अधिकारी, श्री बलवंत बंजारे फार्मासिस्ट, श्री मनीष साहू एम.एल.टी. एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त अधिकार मित्र उपस्थित रहे।




