शहर में जिन लोगों ने लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है, उन्हें बिजली का झटका जोर से लग रहा है। बिल बकाया होने पर ऑटोमैटिक बिजली कट रही है। यानी जो लोग बिजली बिल का भुगतान तय तारीख में नहीं कर रहे, उनकी बिजली कट रही है। बिल का भुगतान करते ही ऑटोमैटिक बिजली वापस शुरू हो जा रही है। बिल अदा करने के बाद किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है।
बिजली कंपनी के अफसरों का दावा है कि नए सॉफ्टवेयर को अभी रन किया जा रहा है। आने वाले समय में स्मार्ट प्री-पेड मीटर इसी सिस्टम से काम करेंगे। इसलिए अभी इसका ट्रायल हो रहा है। सबसे पहले इसे कमर्शियल मीटरों में लागू किया गया है। इसके बाद यही सिस्टम घरेलू मीटर के लिए भी लागू होगा।
हालांकि इसका असर घरेलू मीटरों में भी दिखाई दे रहा है। अचानक से बिजली कट जाने पर लोग हैरान हो रहे हैं। बिजली कंपनी के कॉल सेंटर पर फोन करने पर उन्हें मीटर की लाइट देखने की सलाह दी जाती है। मीटर की लाइट बंद होने पर बकाया बिजली बिल का भुगतान करने की सलाह दी जा रही है।
48 हजार स्मार्ट मीटर लगना अभी भी बाकी: रायपुर में 4 लाख घरों में स्मार्ट प्री पेड मीटर लगने हैं। इसमें अभी तक करीब 3.52 लाख मीटर लग चुके हैं। बाकी 48 हजार मीटर मार्च 2026 तक हर हाल में लगा लिए जाएंगे। बिजली कंपनी ने पहले दिसंबर 2025 तक सौ फीसदी मीटर लगाने का टारगेट तय किया था। लेकिन मीटर सप्लाई धीमी होने की वजह से काम पूरा नहीं हो पा रहा है।
आला अफसरों ने इस बार सख्ती से कहा है कि तय समय में स्मार्ट मीटर लग जाने का काम खत्म हो जाना चाहिए। दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि सिंगल फेज वाले मीटर तेजी से बदले जा रहे हैं। लेकिन थ्री फेज वाले मीटर कम आने की वजह से ज्यादातर घरों में नहीं बदले जा सके हैं। खासतौर पर रायपुर खास वाले शहरी वार्डों में बड़ी संख्या में घरों में थ्री फेज वाले मीटर बदलने का काम बाकी है।
तीसरी बार समय सीमा तय की गई: राजधानी समेत राज्यभर में सबसे पहले दिसंबर 2024 में शत-प्रतिशत प्री पेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके बाद 30 जून और फिर दिसंबर 2025 में यह काम खत्म करने का दावा किया गया।
तीन बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद अब नया लक्ष्य मार्च 2026 तय किया गया है। रायपुर संभाग के सभी जिले रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी में नए प्री-पेड मीटर लगाने का काम टाटा कंपनी को मिला है। लेकिन कंपनी गंभीरता से काम नहीं कर रही है और बार-बार समय बढ़ा रही है। कंपनी का कहना है कि सबसे पहले रायपुर में ही रिचार्ज सिस्टम शुरू होगा। इसके बाद पूरे राज्यभर में इसे लागू किया जाएगा।
कर्मचारियों को बिजली काटने नहीं जाना पड़ेगा : नया सिस्टम रन करने के बाद अब बिजली कंपनी के स्टाफ का बिजली काटने नहीं जाना पड़ेगा। अभी बकाया बिल होने पर स्टाफ मौके पर पहुंचकर बिजली काटता है। लेकिन नया सिस्टम ऐसा हो गया है कि बकाया बिल होने पर तुरंत ही बिजली कट जाती है।
इसी तरह प्री पेड सिस्टम लागू होने के बाद रीचार्ज नहीं कराने पर बिजली बंद हो जाएगी। जब तक वापस रिचार्ज नहीं किया जाएगा बिजली नहीं आएगी। यही वजह है कि अभी से इस सिस्टम को रन किया जा रहा है ताकि लोग इसे आसानी से समझ सकें। इसके अलावा सिस्टम को रन करने में किस तरह की परेशानी हो रही है इसका भी निरीक्षण किया जा रहा है।
रिचार्ज करते ही तुरंत आ जाएगी बिजली कमर्शियल मीटर लगाने के बाद लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वालों की बिजली काटी जा रही है। बाद में यही सिस्टम घरों में भी लागू होगा। प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा होने के बाद रिचार्ज नहीं कराने पर बिजली ऑटोमैटिक कटेगी। रिचार्ज करने के बाद ऑटोमैटिक ही वापस आ जाएगी। – डॉ. रोहित यादव, चेयरमैन बिजली कंपनी




