.नरेन्द्र कुमार सेन
गरियाबंद । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” अंतर्गत आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें बिहान के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक, क्षेत्रीय समन्वयक, पीआरपी, एफपीओ-एफपीसी के सीईओ, आईएफसी एंकर, प्रदान व साधन संस्था के प्रतिनिधि आदि उपस्थित हुए। जिसमें विभिन्न एजेण्डों पर चर्चा किया गया। समाजिक समावेशन, वित्तीय समावेशन, आजीविका गतिविधियों व एफपीओ-एफपीसी के प्रगति पर चर्चा किया गया।
जिला पंचायत सीईओ ने सभी एफपीओ सीईओ एवं आईएफसी एंकर को निर्देशित किया कि सभी अर्द्धवार्षिक बिजनेस प्लान तैयार कर आजीविका गतिविधियों से स्व-सहायता समूह के महिलाओं को लाभान्वित कराएं। साथ ही निर्देशित किया गया कि किसानों के उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दें ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिल सके। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की ठोस रणनीति बनाकर कार्ययोजना अनुसार कार्य को क्रियान्वित करें। बिहान अंतर्गत सभी महिलाओं को योजनाओं का भरसक लाभ मिल सके। सीईओ द्वारा निर्देशित किया गया कि जो महिलाएं समूह से नहीं जुड़े हैं उन्हें मार्च 2026 तक जोड़ा जाना है। एनपीए को कम करने हेतु प्रति माह संकुल संगठन स्तर बैंक प्रबंधक की उपस्थित में समुदाय आधारित ऋण वापसी तंत्र (सीबीआरएम) की बैठक किये जाने हेतु निर्देशित किया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक पतंजलि मिश्रा द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि एवं गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने कहा गया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री रमेश वर्मा द्वारा निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। मैनपुर एफपीओ के सीईओ को लाख, दाल एवं मक्का के उत्पादन की बढ़ावा देते हुए बाजार में विक्रय करने हेतु विस्तृत योजना बनाने का सुझाव दिया गया। अंत में जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया कि “बिहान” का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण है, अतः सभी अधिकारी / कर्मचारियों को फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी के निर्देश दिए।




