छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अवैध अफीम की खेती के दो बड़े मामले सामने आने के बाद बेमेतरा पुलिस भी सतर्क हो गई है। मंगलवार को जिले के विभिन्न थाना और चौकी प्रभारियों ने अपने क्षेत्रों में स्थित बाड़ियों, फार्म हाउस और खेतों की जांच की।
छत्तीसगढ़ में फार्म हाउस, खेत और बाड़ियों में अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आए हैं। बीते कुछ दिनों में दुर्ग और बलरामपुर जिले में ऐसे दो मामले दर्ज हुए हैं। इन घटनाओं के बाद बेमेतरा पुलिस भी पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। बेमेतरा जिला प्रदेश का कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहां के कई फार्म हाउस और खेतों में दूसरे प्रदेश के श्रमिक काम करते हैं। मंगलवार को जिले के विभिन्न थाना और चौकी प्रभारियों ने अपने क्षेत्र में स्थित बाड़ियों और फार्म हाउस की जांच की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव ने बताया कि जांच के दौरान किसी प्रकार के अवैध मादक पदार्थ का उत्पादन या भंडारण नहीं मिला। कोई अवैध गतिविधि भी संचालित नहीं हो रही थी। थाना और चौकी प्रभारियों द्वारा नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ईंट भट्ठों, फैक्ट्रियों और बाड़ियों में कार्यरत मजदूरों और ठेकेदारों की जानकारी एकत्र कर रही है। उनका सत्यापन करने की कार्रवाई भी की जा रही है। जांच के दौरान संबंधित वार्ड पार्षद, ग्राम सरपंच और ग्राम कोटवार को हिदायत दी गई। उन्हें किसी भी अनजान व्यक्ति को गांव में ठहरने न देने को कहा गया।
संदिग्ध व्यक्ति दिखने या बाहर से आकर कहीं रुके व्यक्ति की सूचना पुलिस थाना को देने को कहा गया। मकान मालिक को बाहरी व्यक्ति को किराए पर देने से पहले थाना में सूचना देना अनिवार्य किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध पर अंकुश लगाना है। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना भी इसका लक्ष्य है। बेमेतरा पुलिस सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रही है। इस अभियान में नागरिकों की सहभागिता भी अपेक्षित है।



