22 मार्च को ग्राम ओड़िया में ग्रामीणों व कांग्रेस नेताओं ने छह घंटे चक्का-जाम किया। सड़क विवाद के कारण हुए इस प्रदर्शन से लोगों को परेशानी हुई, जिस पर पुलिस ने कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की।
रविवार 22 मार्च को बेमेतरा जिले में ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे स्थित ग्राम ओड़िया में छह घंटे तक चक्का-जाम किया था। इस जाम के कारण हाईवे में वाहनों की लंबी लाइन लगी रहीं। कवर्धा से बेमेतरा की ओर आने-जाने वाले सभी वाहन खड़े रहे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शाम 4.30 बजे जाम खुल सका है। ये प्रदर्शन कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायत कुआं के आश्रित ग्राम करही के ग्रामीणों व कांग्रेस नेताओं ने किया था। अब इस मामले में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई थाना थान-खम्हरिया पुलिस ने की है।
पुलिस ने कबीरधाम जिले के कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी, ग्रामीण गिरधर गढेवाल, शिवसिंह चंद्राकर, कपिल चंद्राकर, मानसिंह चंद्राकर, डिकेश चंद्राकर समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2) व 189(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इनके द्वारा सुबह 10.30 बजे से शाम करीबन 4.30 बजे चक्का-जाम किए जाने से लोगों को परेशानी हुई।
जानिए…ये है विवाद का कारण
ग्राम पंचायत कुआं के आश्रित ग्राम करही बेमेतरा व कबीरधाम जिले के बॉर्डर पर है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम करही से तेंदो पहुंच मार्ग वर्ष 2000 में पीएम ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्माण किया गया। निर्माण करते समय उक्त सड़क के बीच में हजारी निषाद, सुरेन्द्र निषाद व दुकलहा निषाद की लगभग पांच डिसमिल भूमि सड़क निर्माण में उनके सहमति से ली गई थी। ग्रामीणों व पंचायत के माध्यम से हजारी निषाद को ग्राम के घास भूमि लगभग 50 डिसमिल, सुरेन्द्र को 50 डिसमिल दी गई।
इसके अलावा दुकलहा को नकद रकम सरपंच के माध्यम से दी गई थी। उक्त सड़क निर्माण के बाद नाप के समय तहसीलदार, आरआई के समक्ष अपनी जमीन रोड निर्माण मे स्वेच्छा से देने की बात कही गई। अब निर्मित सड़क के बीच हजारी निषाद द्वारा झोपड़ी बना दी गई। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। समस्या को लेकर कबीरधाम व बेमेतरा जिले के पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। यही कारण है कि चक्का-जाम किया गया।




