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जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ पूर्ण करें : कलेक्टर सुश्री ममगाईं

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समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने की लंबित प्रकरणों की समीक्षा

ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया

बेमेतरा,  /- कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिलाधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ में जनगणना कार्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसे सभी संबंधित अधिकारी सर्वोच्च प्राथमिकता और पूर्ण संवेदनशीलता के साथ समय सीमा में पूरा करें। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का खाका तैयार होता है। अतः डेटा प्रविष्टि और गणना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले प्रगणकों को आम नागरिकों से जानकारी लेते समय अत्यंत विनम्र और संवेदनशील रहने कहा है, जिससे सटीक जानकारी प्राप्त हो सके।

सौंपे गए लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के कड़े निर्देश

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को सौंपे गए लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने “समय-सीमा” की बैठक में इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करने की बात कही है। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर विलंब या उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जल संरक्षण, संवर्धन एवं संग्रहण महत्वपूर्ण—सभी ग्राम पंचायत इस दिशा में “सोख्ता गड्ढा” और “रेन वाटर हार्वेस्टिंग” पर करें प्रभावी कार्यवाही

कलेक्टर ने जल संरक्षण, संवर्धन एवं संग्रहण के लिए जिले के सभी ग्राम पंचायतों में “सोख्ता गड्ढा” और “रेन वाटर हार्वेस्टिंग” हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने आगामी ग्रीष्म ऋतु और गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जिले के सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संग्रहण की दिशा में सोख्ता गड्ढा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग एक प्रभावी कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों के शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत सचिवालयों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएं। इसी तरह हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों के पास व्यर्थ बहने वाले पानी के संचयन के लिए वैज्ञानिक पद्धति से सोख्ता गड्ढों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भू-जल स्तर में सुधार हो सके। कलेक्टर ने मनरेगा के अभिसरण के संबंध में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और 15वें वित्त आयोग के तालमेल से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

जन-भागीदारी से ग्रामीणों को जल की महत्ता समझाने अभियान चलाएं

कलेक्टर ने जन-भागीदारी से ग्रामीणों को जल की महत्ता समझाने के लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से जागरूक करने कहा, जिससे वे अपने निजी घरों में भी जल संचयन की तकनीक अपनाएं। बैठक के दौरान सभी जनपद सीईओ और तकनीकी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन संरचनाओं का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हो। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि जल संरक्षण के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसकी प्रगति की समीक्षा साप्ताहिक आधार पर की जाएगी।

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