सब्जी मंडी में एक ही सीरियल नंबर के नोट मिलने से हड़कंप
संगठित गिरोह की आशंका
किराना, शराब, कपड़ा व अनाज व्यापारियों तक पहुंचा नेटवर्क, पुलिस से कार्रवाई की मांग
ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया। नगर के प्रमुख बाजारों में नकली नोटों का संगठित नेटवर्क सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। बीते कई महीनों से जारी इस अवैध गतिविधि ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मंगलवार को सब्जी मंडी में एक ही सीरियल नंबर के ₹100 के 10 नोट और ₹200 के 5 नोट मिलने के बाद पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। इस खुलासे से यह स्पष्ट हो गया है कि नकली नोटों को सुनियोजित तरीके से भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में खपाया जा रहा है।
घटना उस समय सामने आई जब सब्जी मंडी के व्यवसायी छेदू सिन्हा, कचरू निर्मलकर और विश्वनाथ सिन्हा के गल्ले में फुटकर व्यापारियों द्वारा दिए गए पैसों में जाली नोट पाए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ अन्य फुटकर सब्जी विक्रेताओं के पास भी संदिग्ध नोट मौजूद हैं। इससे यह आशंका हकीकत में बदल गई कि नगर के बाजारों में नकली नोटों की खपत लगातार बढ़ रही है।
सिर्फ सब्जी मंडी नहीं, पूरे बाजार में फैला नेटवर्क
व्यापारियों ने आशंका जताई है कि नकली नोटों का दायरा अब केवल सब्जी मंडी तक सीमित नहीं रहा। शराब दुकानों, किराना स्टोर्स, कपड़ा दुकानों और अनाज व्यापारियों के गल्लों में भी ऐसे नोट मिल रहे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि कोई संगठित गिरोह सुनियोजित रणनीति के तहत भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाकर नकली नोट बाजार में उतार रहा है।
10 साल बाद फिर लौटे जाली नोट, प्रशासन पर उठे सवाल
गौरतलब है कि लगभग एक दशक पूर्व भी थान खम्हरिया में बड़े पैमाने पर नकली नोटों का मामला सामने आया था, लेकिन उस समय ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब एक बार फिर ऐसी गतिविधियों के सामने आने से व्यापारियों में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ गया है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आर्थिक नुकसान के साथ-साथ बाजार की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ेगा।
पुलिस से शिकायत, गिरोह का पर्दाफाश करने की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए सब्जी मंडी संचालक छेदू सिन्हा और कचरू निर्मलकर ने थाना प्रभारी चंद्रदेव वर्मा से मुलाकात कर पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी ने व्यापारियों से सतर्क रहने, नोटों की जांच करने और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने की अपील की है।
हूबहू असली जैसे दिखते हैं नकली नोट
मिली जानकारी के अनुसार ये नकली नोट देखने में पूरी तरह असली जैसे प्रतीत होते हैं। यह साधारण फोटोकॉपी नहीं बल्कि उच्च गुणवत्ता के प्रिंटेड नोट हैं, जिनमें मामूली तकनीकी खामियां पाई गई हैं। इसी कारण आम व्यापारियों के लिए इन्हें पहचान पाना मुश्किल हो रहा है।
बहरहाल, थान खम्हरिया के बाजार में नकली नोटों का प्रचलन अब संगठित अपराध का रूप लेता नजर आ रहा है। यदि प्रशासन और पुलिस ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की, तो यह समस्या व्यापक आर्थिक नुकसान के साथ आम जनता के विश्वास पर भी गहरा असर डाल सकती है।




