.नरेन्द्र कुमार सेन
संघर्ष से सम्मान तक मया राम साहू को मिली नई उम्मीद की किरण
10 हजार की मदद बनी सहारा, मया राम साहू के जीवन में आया बदलाव
सरकारी योजना बनी वरदान, श्रमिक परिवार को मिला आत्मनिर्भर बनने का मौका
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से मया राम साहू का सपना हुआ साकार
गरियाबंद / फिंगेश्वर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सेम्हराडीह निवासी मया राम साहू एक साधारण श्रमिक हैं। जिनका जीवन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। भूमिहीन होने के कारण उनके पास आय का स्थायी साधन नहीं था। पहले वे गांवों में वाहन चालक का काम करते थे, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें मजदूरी करने के लिए मजबूर कर दिया। चार बच्चों के पिता मया राम साहू ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार की जिम्मेदारियों को निभाया। उन्होंने अपनी दो बेटियों का विवाह अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किया, जबकि दोनों बेटे आज भी मजदूरी करके परिवार का सहारा बने हुए हैं। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर तो बनवाना शुरू किया, लेकिन वह अधूरा ही रह गया।
ऐसे समय में भूमिहीन कृषक मज़दूर कल्याण योजना उनके लिए एक नई उम्मीद लेकर आई। इस योजना के अंतर्गत उन्हें 10 हजार की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग वे अपने अधूरे घर के छाबाई (प्लास्टर) कार्य और बिजली की व्यवस्था पूरी करने में कर रहे हैं। मया राम साहू बताते हैं कि यह आर्थिक सहयोग उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे न केवल उनके घर का काम आगे बढ़ा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। अब वे अपने जीवन को बेहतर बनाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वे इस योजना के लिए माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिनकी पहल से उन्हें यह सहयोग मिला।
मया राम साहू ने कहा कि सही समय पर मिला छोटा सा सहयोग भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। आज यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि श्रमिकों और भूमिहीन किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




