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कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक संपन्न

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नागरिकों को मिले सहज स्वास्थ्य सेवाएं, विभाग संवेदनशीलता से करें कार्य: कलेक्टर

ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया

थान खम्हरिया- कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी आमजनों तक विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों को पहुंचाने और उन्हें लाभान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, आवास योजना सहित विकासखंडों में संचालित मनरेगा योजना की समीक्षा की। उन्होंने सभी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति में कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिए गए निर्देशों के बावजूद लक्ष्य में कमी एक गंभीर स्थिति को दर्शाती है।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि टीबी मुक्त भारत अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नए मरीजों की पहचान करने और उनके उपचार की समुचित व्यवस्था पर जोर दिया। कलेक्टर ने क्षेत्रीय स्टाफ और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मैदानी सर्वेक्षण करने और अनुवर्ती कार्यवाही करने के निर्देश दिए। लक्ष्यानुसार परिणाम प्राप्त करने के लिए सार्थक कार्यवाही करने को कहा गया।


महत्वाकांक्षी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा
कलेक्टर ने विभागीय महत्वाकांक्षी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी लेते हुए आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक में महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विभागवार समीक्षा करते हुए अपेक्षित प्रगति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य एवं शिक्षा, विद्यालयों और अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति, पेयजल एवं स्वच्छता तथा जल जीवन मिशन जैसे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।
इसके साथ ही बुनियादी ढांचे, सड़कों, पुलों और शासकीय भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कार्यशैली में सुधार लाने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों और सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लक्ष्य प्राप्त करने तथा हितग्राहियों का चयन कर योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
गर्मी में पेयजल आपूर्ति के लिए सतर्क रहें
कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिले में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को पीने के पानी के लिए किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े सभी हैंडपंपों को 24 से 48 घंटे के भीतर सुधारने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुकी योजनाओं का लाभ प्रत्येक घर तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करने को कहा गया। जहां भी तकनीकी खराबी है, उसे शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही पेयजल संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए जिला स्तर पर एक दूरभाष सहायता केंद्र या नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने को कहा गया, जिससे नागरिक अपनी समस्या सीधे विभाग तक पहुंचा सकें।
कलेक्टर ने जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर नीचे गिर रहा है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की योजना तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल की शुद्धता बनाए रखने के लिए समय-समय पर ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग और क्लोरीनीकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने विभाग के कार्यपालन अभियंता को क्षेत्र का दौरा करने और कार्यों की साप्ताहिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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