Home छत्तीसगढ़ सिलगेर के माड़वी कोसा ने अपने हाथों से बनाया अपना घर, मुख्यमंत्री...

सिलगेर के माड़वी कोसा ने अपने हाथों से बनाया अपना घर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी

13
0

 

कच्ची झोपड़ी से पक्के सपनों तक, शासकीय योजनाओं ने बदली तक़दीर

रायपुर /ग्राम पंचायत सिलगेर विकासखंड कोन्टा के हितग्राही श्री माड़वी कोसा के लिए वर्षों पुराना सपना अब साकार हो गया है। जो परिवार कभी कठिन परिस्थितियों में जर्जर झोपड़ी में जीवन गुजार रहा था, आज उसी परिवार के पास एक सुरक्षित, सम्मानजनक और मजबूत पक्का आवास है। नियद नेल्लानार योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के संयुक्त प्रयासों ने उनके जीवन में वह बदलाव ला दिया, जिसने संघर्ष को उम्मीद में बदल दिया।

इस बदलाव की असली नींव बनी रूरल मेसन ट्रेनिंग, जिसे मेरापथ एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर श्री कोसा ने न केवल निर्माण कार्य की तकनीक सीखी, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने ही हाथों से अपने घर का निर्माण कर दिखाया। यह कहानी केवल एक मकान बनने की नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को स्वयं गढ़ने की प्रेरक मिसाल बन गई है।

वित्तीय वर्ष 2024–25 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण अंतर्गत श्री कोसा को 1.20 लाख रुपए की आवास स्वीकृति मिली। इसके साथ ही मनरेगा अभिसरण से 95 मानव दिवस एवं 23,085 रुपए की मजदूरी सहायता प्रदान की गई, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली। वहीं स्वच्छ भारत मिशन से 12,000 रुपए की राशि से शौचालय निर्माण, सोलर पैनल से रोशनी की सुविधा और नल–जल व्यवस्था से घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से उनके परिवार का जीवन अब सुविधाजनक और सुरक्षित बन गया है।

इस प्रेरणादायक परिवर्तन पर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इसे जिले के लिए मॉडल बताते हुए कहा कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और कौशल विकास मिलकर परिवारों को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर ने इसे सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से गुणवत्ता बढ़ती है और हितग्राही स्वयं सशक्त बनता है। मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री कोसा से संवाद कर उन्हें साल-श्रीफल एवं सांकेतिक चाबी भेंट कर सम्मानित किया। आज श्री माड़वी कोसा का यह पक्का घर केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की वह कहानी है जो पूरे क्षेत्र को प्रेरणा दे रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here