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भाजपा ने चुकाया पितामह का पितृऋण, श्यामा प्रसाद की धरती पर पहली बार ‘कमल’ सरकार:- शिवरतन शर्मा

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चुनाव नतीजों को लेकर भाटापारा भाजपा कार्यालय पर जश्न, आतिशबाजी कर बांटी मिठाई

भाटापारा :– चुनाव नतीजों को लेकर भाटापारा भाजपा कार्यालय पर जश्न का माहौल रहा । बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर आतिशबाजी कर मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। हर किसी की निगाह पश्चिम बंगाल के नतीजों पर टिकी रही ।
विदित हो की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में संगठन द्वारा-दिये गए दायित्वों का लगातार 70 दिनों से अधिक समय तक सफल निर्वहन करते हुए भाटापारा के लोकप्रिय,भाजपा छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेता शिवरतन शर्मा क़ो कार्यकर्त्ताओ ने बधाई शुभकामनायें दी, कुशल रणनीति, अथक प्रयासों से उनके प्रभार जिला पूर्व बर्धमान (संगठन जिला कटवा) में भी पार्टी ने प्रचंड जीत दर्ज की…जहाँ भाजपा की एक भी सीट नहीं थीं वहा शिवरतन शर्मा के नेतृत्व में 07 में से 07 सीटे भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशीयों ने प्रचंड जीत दर्ज की…

इस विषय पर चर्चा में शिवरतन शर्मा ने कहा की भाजपा के लिए बंगाल विधानसभा चुनाव की जीत केवल एक जीत नहीं है, यह उस ‘पितृऋण’ की भी अदायगी है, जो जनसंघ के संस्थापक डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी जी की जन्मभूमि पश्चिम बंगाल में 75 साल के बाद कमल खिला है. मुखर्जी के विचारों के आधार पर ही भाजपा की नींव रखी गई थी, जिसके चलते उन्हें पार्टी का पितामह कहा जाता है. भाजपा बंगाल में एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरी है.
शिवरतन शर्मा ने कहा की संस्थापक दीन दयाल उपाध्याय जी के ‘कर्तव्य पथ’ उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश में पहले ही सरकार बना ली गई थीं, लेकिन श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि बंगाल में 75 साल के बाद जाकर सपना साकार हुआ है.
शिवरतन शर्मा ने आगे कहा की बंगाल की जीत सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की जीत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन मॉडल की जीत हुई है।
शिवरतन शर्मा ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रदर्शन को ‘स्पेशल’ बताते हुए कहा की आज शब्द कम पड़ रहे हैं और आंखें नम हैं। यह केवल एक जीत का जश्न नहीं है, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं के साहस की गाथा है जिन्होंने बंगाल की धरती पर लोकतंत्र की लौ को जलाए रखने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया।
शिवरतन शर्मा ने बताया की ​बंगाल में भाजपा का कार्यकर्ता होना कोई सामान्य बात नहीं है। यह राह कांटों भरी है, जहां हर कदम पर डर, धमकी और हिंसा का साया रहता है। लेकिन धन्य हैं वे वीर, जिन्होंने:
​अत्याचार के सामने घुटने नहीं टेके।
​घर-बार छूटने के बाद भी ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष नहीं छोड़ा।
​असंख्य बलिदानों के बावजूद संगठन के झंडे को झुकने नहीं दिया।
​यह जीत उन माताओं के आंसुओं का प्रतिफल है जिन्होंने अपने बेटों को खोया, उन बहनों की दुआओं का असर है जिनका सुहाग छीना गया, और उन पिताओं के संघर्ष का सम्मान है जिन्होंने अपने उजड़े हुए घरों को फिर से बसाने का सपना देखा।
इस अवसर पर कार्यालय में राकेश तिवारी, सुनील यदु, आशीष जायसवाल, योगेश अनंत, मथुरा यदु, पवन वर्मा, अविनाश शर्मा, आशीष टोडर, गोपाल देवांगन, ठाकुर राम साहू, सतीश साहू, आशीष पुरोहित, संकेत अग्रवाल, सतीश सोनी, सुरेंद्र डागोर, पीयूष साहू, पीताम्बर साहू, अभिषेक नायक, गोपी ध्रुव, लाला जायसवाल, काके थादवानी, गोपाल नागवानी, सहित पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्त्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे…

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