Home छत्तीसगढ़ ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिल रही नई उड़ान

ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिल रही नई उड़ान

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RSETI में A-HELP कार्यक्रम अंतर्गत ‘पशु सखी’ प्रशिक्षण शुरू

ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया

थान खम्हरिया । ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए SBI RSETI बेमेतरा में A-HELP (Accredited Agent for Health and Extension of Livestock Production) कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष ‘पशु सखी’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। यह प्रशिक्षण 13 मई से 28 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क एवं आवासीय है, जिसमें प्रतिभागियों के रहने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था भी की गई है।

इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्रामों से चयनित 30 महिला स्व-सहायता समूह सदस्याएं भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन एवं पशु स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान कर स्वरोजगार एवं सेवा आधारित गतिविधियों से जोड़ना है, ताकि वे गांव स्तर पर पशुपालकों की सहायता कर अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकें।

अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स दे रहे व्यावहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) से प्रमाणित अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं को सैद्धांतिक जानकारी के साथ फील्ड विजिट एवं प्रैक्टिकल के माध्यम से आधुनिक पशुपालन तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान भी कराया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान दुधारू पशुओं की उन्नत देखरेख, संतुलित पोषण, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं में होने वाली सामान्य एवं मौसमी बीमारियों की पहचान, प्राथमिक उपचार, टीकाकरण एवं रोगों से बचाव संबंधी आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही गांव स्तर पर पशु चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने एवं पशुपालकों को जागरूक करने की दिशा में भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम समन्वयक के अनुसार यह प्रशिक्षण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये ‘पशु सखी’ अपने-अपने गांवों में पशुपालकों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगी तथा पशुधन संरक्षण एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहयोग करेंगी।

प्रशिक्षण उपरांत मिलेगा प्रमाण पत्र
प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इससे महिलाएं भविष्य में पशुपालन आधारित गतिविधियों से जुड़कर स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकेंगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन का मजबूत माध्यम बनेंगी।

प्रशिक्षण अवधि: 13 मई से 28 मई 2026
आयोजक संस्था: SBI RSETI बेमेतरा
सहयोगी विभाग: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग
प्रतिभागी: जिले की 30 महिला स्व-सहायता समूह सदस्याएं
विशेषता: पूर्णतः निःशुल्क एवं आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
उद्देश्य: महिलाओं को पशुपालन आधारित स्वरोजगार एवं पशु स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना।

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