ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। स्थानीय रामचंद्र सागरमल धर्मशाला में वार्ड क्रमांक 2, 3 एवं नगरवासियों के सहयोग से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। कलश यात्रा रामजानकी हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर भारत माता चौक होते हुए कथा स्थल पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु पीली एवं लाल साड़ी धारण कर सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत इस आयोजन से नगर का वातावरण धर्ममय हो गया।

कार्यक्रम के मुख्य जजमान राजेश सिंह ठाकुर ने विधिवत वेदी पूजन संपन्न कराया। आयोजन में पुखराज सिंह, दिलीप सिंह ठाकुर, प्रमोद सिंघानिया, गिरीश शर्मा, विपिन शर्मा एवं नयन ठाकुर का विशेष सहयोग रहा।
कथा व्यास पंडित अक्षय नारायण दुबे जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कथा मानव जीवन को सही दिशा एवं उद्देश्य प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि जहां भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा दुष्प्रवृत्तियों का नाश होता है।
महाराज श्री ने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब उसके संदेशों को जीवन में आत्मसात किया जाए। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से जन्म-जन्मांतर के विकार दूर होते हैं तथा व्यक्ति का लौकिक एवं आध्यात्मिक विकास होता है।
आयोजन समिति ने नगरवासियों से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने एवं अपने जीवन को सार्थक बनाने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




