धमतरी में कक्षा सातवीं के एक छात्र ने मजाक और गुस्से में 11 सहपाठियों को दांतों से काट लिया। तीन साल पहले उसे कुत्ते ने काटा था, जिससे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। आखिर डॉक्टरों ने क्या कहा और बच्चे की हालत कैसी है?
रेबीज के स्पष्ट लक्षण नहीं
डॉ. सिन्हा ने बताया कि छात्र ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने गुस्से और मजाक में ऐसा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल तीन साल पहले कुत्ते के काटने की घटना के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि छात्र को रेबीज है। उसकी जांच की जा रही है और फिलहाल उसमें रेबीज के स्पष्ट लक्षण नहीं मिले हैं।
डॉ. सिन्हा ने बताया कि छात्र ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने गुस्से और मजाक में ऐसा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल तीन साल पहले कुत्ते के काटने की घटना के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि छात्र को रेबीज है। उसकी जांच की जा रही है और फिलहाल उसमें रेबीज के स्पष्ट लक्षण नहीं मिले हैं।
बच्चों को 24 घंटे के ऑब्जर्वेशन में रखा गया
डॉक्टर ने बताया कि छात्र को 24 घंटे के ऑब्जर्वेशन में जिला अस्पताल में रखा गया है। यदि उसमें कोई संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे आगे की जांच के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जाएगा। वहीं, जिन 11 बच्चों को उसने काटा है, उन्हें एहतियातन एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई है। फिलहाल सभी की हालत सामान्य बताई गई है।
डॉक्टर ने बताया कि छात्र को 24 घंटे के ऑब्जर्वेशन में जिला अस्पताल में रखा गया है। यदि उसमें कोई संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे आगे की जांच के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जाएगा। वहीं, जिन 11 बच्चों को उसने काटा है, उन्हें एहतियातन एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई है। फिलहाल सभी की हालत सामान्य बताई गई है।




