यह हमला सिर्फ दो मजदूरों की हत्या नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों के भविष्य पर भी हमला है, जिनके पिता अब कभी घर नहीं लौटेंगे। किसी ने अपने दो साल के बेटे का सहारा खो दिया, तो किसी एक साल के बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया।गरीबी से लड़ने और अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने निकले छत्तीसगढ़ के दो मजदूर अब कभी घर लौटकर अपने बच्चों को गले नहीं लगा पाएंगे। घर की गरीबी दूर करने और परिवार का भविष्य संवारने के लिए हजारों किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर गए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र भैना को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस धरती पर वह मेहनत की रोटी कमाने पहुंचा है, वहीं आतंकियों की गोलियां उसकी जिंदगी छीन लेंगी।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र भैना की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई।