नरेन्द्र कुमार सेन
गरियाबंद।गोहरापदर से उरमाल को जोड़ने वाली पीडब्ल्यूडी सड़क इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जिसे देखकर सहज ही सवाल उठता है-क्या यह सड़क है या हादसों को न्योता देने वाला रास्ता? सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी डामर की परत और बारिश का जमा पानी राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है।
सड़क पर गड्ढे या गड्ढों में सड़क?
गोहरापदर-उरमाल मार्ग की तस्वीरें सड़क की बदहाली खुद बयां कर रही हैं। कई हिस्सों में सड़क की सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है। जगह-जगह गड्ढों में पानी जमा है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए बार-बार रास्ता बदलना पड़ता है। इसी दौरान सामने से आने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है।
बारिश ने बढ़ाई परेशानी, बाइक सवार सबसे ज्यादा परेशान
बरसात के मौसम में हालात और गंभीर हो गए हैं। पानी से भरे गड्ढे दूर से सामान्य सड़क जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन वाहन जैसे ही उसमें पहुंचता है, हादसे का खतरा पैदा हो जाता है। खासकर बाइक और स्कूटी सवारों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
आए दिन घटनाएं, फिर भी सड़क सुधार का इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण आए दिन वाहन चालक परेशान होते हैं और छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके अब तक सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता गौतम कश्यप ने उठाया सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता गौतम कश्यप ने कहा कि गोहरापदर-उरमाल मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण सड़क है। लंबे समय से सड़क की हालत खराब होने के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात में स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है।
उन्होंने कहा कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय पीडब्ल्यूडी विभाग को तत्काल सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत करानी चाहिए। उन्होंने सड़क की केवल खानापूर्ति वाली मरम्मत के बजाय गुणवत्तापूर्ण और स्थायी सुधार की मांग की है।
स्कूली बच्चों से लेकर किसानों तक प्रभावित
इस मार्ग से ग्रामीणों के अलावा स्कूली बच्चे, कर्मचारी, किसान और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोग गुजरते हैं। सड़क खराब होने से वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ता है और सफर का समय भी बढ़ जाता है।
वाहनों पर भी पड़ रहा असर
गड्ढों के कारण वाहनों के टायर, पहिए और अन्य पुर्जों पर भी असर पड़ रहा है। लगातार खराब सड़क पर सफर करने से वाहन चालकों का खर्च बढ़ रहा है।
बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़क की हालत इतनी खराब है और लोगों को रोज परेशानी हो रही है, तो क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग की नींद खुलेगी?
ग्रामीणों की मांग है कि पीडब्ल्यूडी विभाग मौके का निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करे और सड़क को सुरक्षित आवागमन के लायक बनाया जाए।
सवाल सीधा है-सड़क सुधरेगी या फिर हादसे का इंतजार होगा?
गोहरापदर-उरमाल सड़क की बदहाली अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि सुरक्षा का बड़ा सवाल बन चुकी है। बारिश जारी है, गड्ढों में पानी भरा है और लोगों का सफर रोज जोखिम में है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग कब इस सड़क की सुध लेता है।





