ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। समीपस्थ ग्राम गातापार स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में जिला न्यायालय बेमेतरा की ओर से नशा मुक्ति एवं गुड टच-बैड टच विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय बेमेतरा से धरमू लहरे एवं उनकी टीम ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण सामाजिक एवं व्यक्तिगत सुरक्षा संबंधी विषयों की जानकारी दी।
शिविर के दौरान स्कूली बच्चों को अपने शरीर एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग रहने, शरीर के अंगों के सही एवं गलत स्पर्श को पहचानने तथा किसी भी असहज परिस्थिति में बिना घबराए अपने विश्वसनीय माता-पिता, शिक्षक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति को जानकारी देने के बारे में समझाया गया। बच्चों को चित्रों एवं सरल उदाहरणों के माध्यम से गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया गया, ताकि वे स्वयं की सुरक्षा को लेकर जागरूक और आत्मविश्वासी बन सकें।
इसके साथ ही बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान को समझाते हुए विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर धरमू लहरे ने कहा कि बच्चों के साथ हमेशा दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। बच्चों को अपनी बात खुलकर कहने और अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे-बुरे लोगों की पहचान करने तथा किसी भी संदिग्ध या असुरक्षित स्थिति में तुरंत सहायता लेने की सीख दी जानी चाहिए। जागरूकता और संवाद के माध्यम से बच्चों को कई प्रकार की घटनाओं एवं असुरक्षा से बचाया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूने का प्रयास करता है या किसी प्रकार से असहज महसूस कराता है, तो वे चुप न रहें और तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानपाठक मान सिंह ध्रुवे, शिक्षिका प्रतिभा निषाद सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से बच्चों में आत्मरक्षा, जागरूकता एवं नशामुक्त जीवन के प्रति सकारात्मक संदेश दिया गया।




