राजधानी से रोजगारधानी की ओर बढ़ता नवा रायपुर
टेक्सटाइल से फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स से MSME तक—भविष्य के उद्योगों की मजबूत होती नींव, हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
रायपुर, 17 अगस्त 2026/ नवा रायपुर अटल नगर अब केवल आधुनिक प्रशासनिक राजधानी के रूप में नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। सुनियोजित शहरी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना के साथ शहर में ऐसे उद्योगों को आकर्षित किया जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकें।
नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे भविष्य के उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्योगिक निवेश के इन प्रयासों का उद्देश्य केवल नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करना नहीं, बल्कि विनिर्माण आधारित अर्थव्यवस्था को गति देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करना भी है।
टेक्सटाइल पार्क: हजारों रोजगार का नया केंद्र
नवा रायपुर के लेयर-2 स्थित ग्राम कुर्रू में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस परियोजना के लिए CSIDC को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश की शुरुआत अब जमीन पर भी दिखाई देने लगी है। स्विफ्ट टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने जून 2026 में 235 करोड़ रुपए के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया है। इस इकाई से करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
वहीं पुनीत क्रिएशन के साथ 175 करोड़ रुपए के निवेश का समझौता किया गया है। इन परियोजनाओं को मिलाकर टेक्सटाइल पार्क में लगभग 10,000 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
इस तरह टेक्सटाइल पार्क नवा रायपुर में विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
132 एकड़ में फार्मा पार्क, स्वास्थ्य उद्योग को मिलेगी नई गति
स्वास्थ्य और औषधि निर्माण के क्षेत्र में भी नवा रायपुर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सेक्टर-22 में 132 एकड़ भूमि CSIDC को आवंटित की गई है, जहां फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है।
इस परियोजना में लगभग 2,000 करोड़ रुपए के निवेश और करीब 1,400 रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों टोरेंट फार्मा, एविला फार्मास्युटिकल्स और विटालिस हेल्थ के साथ कुल 735 करोड़ रुपए के एमओयू किए जा चुके हैं।
फार्मा पार्क के विकसित होने से दवा निर्माण के साथ इससे जुड़ी विभिन्न औद्योगिक और सहायक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी बढ़ते कदम
भविष्य की अर्थव्यवस्था में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण की भूमिका लगातार बढ़ रही है। नवा रायपुर ने इस क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
यश फैंस ने 110 करोड़ रुपए के निवेश से होम अप्लायंसेज निर्माण इकाई शुरू की है। यह निवेश नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण निर्माण के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए इलेक्ट्रॉनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) को भारत सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। यहां PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग और EMC टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
MSME बनेंगे औद्योगिक विकास की रीढ़
नवा रायपुर के औद्योगिक विकास की कहानी केवल बड़े निवेशों तक सीमित नहीं है। बड़े उद्योगों के साथ-साथ MSME क्षेत्र को भी मजबूत आधार दिया जा रहा है।
सेक्टर-05 में विनिर्माण उद्योगों के लिए भूमि आवंटित की गई है। यहां वर्तमान में 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है, जबकि भविष्य में 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
MSME क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय उद्यमिता और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ बड़े उद्योगों के लिए सहायक औद्योगिक नेटवर्क विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
निवेश से रोजगार और रोजगार से आर्थिक गतिविधियों का विस्तार
नवा रायपुर में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों की तस्वीर बताती है कि शहर के विकास का अगला चरण प्रशासनिक राजधानी से आगे बढ़कर निवेश और रोजगार के केंद्र के रूप में आकार ले रहा है।
टेक्सटाइल पार्क में लगभग 10,000 रोजगार, …



