तहसीलदार आशुतोष गुप्ता के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने समाप्त किया आंदोलन
ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। समीपस्थ ग्राम बेलतरा के मुक्तिधाम जाने वाले जर्जर एवं बदहाल मार्ग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सड़क पर कीचड़, दलदल और गड्ढों के कारण अंतिम यात्रा में लोगों को हो रही परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मुक्तिधाम मार्ग को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम जाने वाला रास्ता लंबे समय से बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे, उबड़-खाबड़ सड़क तथा पानी और कीचड़ जमा होने के कारण रास्ते पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को गांव में दो लोगों की मृत्यु के बाद अंतिम यात्रा के दौरान मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित होकर चक्काजाम पर बैठ गए।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुक्तिधाम मार्ग की समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो माह पूर्व ग्राम सरपंच श्रीमती भारती मुकेश टंडन द्वारा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं को मुक्तिधाम मार्ग की स्थिति से अवगत कराया गया था। सरपंच ने कार्यालय पहुंचकर मार्ग की वास्तविक स्थिति की जानकारी देते हुए समस्या के निराकरण की मांग भी की थी, लेकिन समय रहते समस्या का समाधान नहीं होने के कारण स्थिति गंभीर रूप ले गई।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार आशुतोष गुप्ता एवं थाना प्रभारी सत्यप्रकाश उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और मार्ग की स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने ग्रामीणों को समस्या के उचित निराकरण का आश्वासन देते हुए करीब 15 दिन का समय मांगा।
प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना एवं चक्काजाम समाप्त कर दिया। प्रशासन की समझाइश के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन द्वारा दिए गए समय के भीतर मुक्तिधाम मार्ग की मरम्मत एवं सुधार कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि भविष्य में अंतिम यात्रा के दौरान लोगों को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।




