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श्री सप्तदेव मंदिर में आस्था का भव्य संगम : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं श्री भादी अमावस्या उत्सव की तैयारियों हेतु विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के साथ बैठक सम्पन्न

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4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और 11 सितंबर को श्री भादी अमावस्या का होगा भव्य आयोजन — 501 महिलाओं के सामूहिक मंगलपाठ एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सहित होंगे अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

कोरबा,  । धर्म, आस्था, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक श्री सप्तदेव मंदिर, कोरबा एक बार फिर दो महान धार्मिक उत्सवों के भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। मंदिर में प्रतिवर्ष अत्यंत श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाने वाला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव तथा श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र श्री भादी अमावस्या उत्सव इस वर्ष भी अत्यंत भव्य, दिव्य एवं आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा।

दिनांक 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तथा दिनांक 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को श्री भादी अमावस्या उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाएगा। दोनों आयोजनों को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने के लिए मंदिर प्रबंधन एवं आयोजन समिति द्वारा व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।

इसी क्रम में दोनों प्रमुख धार्मिक उत्सवों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, विभिन्न कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने तथा नगर के गणमान्य नागरिकों, समाज प्रमुखों एवं विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से सुझाव एवं सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से 30 अगस्त 2026, रविवार को रात्रि 7:30 बजे श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में एक वृहद बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कोरबा नगर के विभिन्न समाजों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं, समितियों के अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। सभी अतिथियों एवं समाज प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया गया तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ बैठक का शुभारंभ हुआ।

भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव पर दिनभर गूंजेगा भक्ति एवं उल्लास

बैठक को संबोधित करते हुए श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी श्री अशोक मोदी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष जन्माष्टमी को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर प्रातःकाल से लेकर रात्रि तक मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता, श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता तथा भजन-कीर्तन प्रमुख रहेंगे।

प्रसिद्ध भजन गायक श्री शुभम गोयल द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर होगा।

रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के पावन क्षण पर विशेष पूजा-अर्चना, आरती एवं जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पावन क्षण आएगा, पूरा मंदिर परिसर “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठेगा। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी।

भादी अमावस्या पर 501 महिलाओं के मंगलपाठ से गूंजेगा श्री सप्तदेव मंदिर

बैठक में 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को आयोजित होने वाले श्री भादी अमावस्या उत्सव की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस पावन अवसर पर लगभग 501 महिलाओं द्वारा श्री राणी सती दादी जी का सामूहिक मंगलपाठ किया जाएगा। बड़ी संख्या में महिलाओं की सामूहिक सहभागिता से मंदिर परिसर दादी जी की भक्ति एवं मंगलपाठ की मधुर ध्वनि से आध्यात्मिक वातावरण में परिवर्तित होगा।

भादी अमावस्या के पूर्व दिवस 10 सितंबर 2026, गुरुवार को सायं 4:00 बजे से रात्रि 7:00 बजे तक दादी जी के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति से जुड़े विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। इनमें मेहंदी उत्सव, पगधोई, ज्वारा उत्सव एवं भजन-कीर्तन प्रमुख रहेंगे।

इसके पश्चात रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। देश के विभिन्न क्षेत्रों से सुप्रसिद्ध कवि एवं कवयित्रियां इस अवसर पर अपनी काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

इस प्रकार भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर जहां एक ओर दादी जी की भक्ति एवं धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय होगा, वहीं दूसरी ओर कवि सम्मेलन साहित्य एवं संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरेगा।

विभिन्न समाजों एवं संस्थाओं ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

बैठक के दौरान उपस्थित गणमान्य नागरिकों, समाज प्रमुखों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने दोनों उत्सवों को और अधिक भव्य, दिव्य, सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

सभी सुझावों को आयोजन समिति द्वारा गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा उत्सवों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझावों को कार्ययोजना में शामिल करने पर सहमति बनी।

बैठक में उपस्थित समाजजनों ने कहा कि श्री सप्तदेव मंदिर में आयोजित होने वाले ये धार्मिक उत्सव केवल मंदिर तक सीमित आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये कोरबा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और एकता के प्रतीक बन चुके हैं। इसलिए इन आयोजनों की सफलता में पूरे नगर की सहभागिता आवश्यक है।

समाज एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों की रही गरिमामय उपस्थिति

बैठक में श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी श्री संजय मोदी, श्री राजा मोदी, श्री अमरनाथ अग्रवाल, श्री जगदीश प्रसाद अग्रवाल, श्री किरण मोदी, श्रीमती अंकिता मोदी, श्रीमती निकिता मोदी एवं श्री वेदांत मोदी सहित श्री ओमप्रकाश गोयनका, अग्रवाल सभा कोरबा के अध्यक्ष श्री बजरंग अग्रवाल, श्री आशीष गोयल, श्री संतोष अग्रवाल, श्री कैलाश गोयल एवं श्री जुगल किशोर अग्रवाल उपस्थित रहे।

ब्राह्मण समाज से श्री ललित शर्मा एवं श्री अक्षत शर्मा; श्री श्याम मित्र मंडल से श्रीमती गिरिजा सुल्तानिया, श्रीमती कांता अग्रवाल, श्रीमती मीना अग्रवाल एवं श्री सतीश जालान; पतंजलि योगपीठ समिति से श्री दुर्गेश राठौर एवं श्री सुनील अग्रवाल; प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था से बिंदू बहन एवं स्मृति बहन; हिन्दू नारायणी सेना से श्री अरविंद अग्रवाल एवं श्री आनंद तिवारी; तथा योग वेदांत सेवा समिति से श्री ईश्वर साहू एवं श्री हेमंत रमानी सहित विभिन्न संस्थाओं के सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त विश्व हिन्दू परिषद के महानगर अध्यक्ष श्री गौरव मोदी, श्री भगवती प्रसाद गोयनका, श्री अंकित गोयनका, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन की वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती प्रेमा अग्रवाल एवं श्रीमती लीना अग्रवाल, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला संगठन की श्रीमती प्रीति मोदी तथा श्री सप्तदेव मंदिर महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती सरला मित्तल एवं श्रीमती संतोष देवी अग्रवाल सहित कोरबा नगर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

“आइए, भक्ति और आस्था के इस महापर्व में सहभागी बनें”

बैठक का वातावरण अत्यंत उत्साहपूर्ण, आत्मीय एवं सकारात्मक रहा। सभी उपस्थित समाजजनों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने दोनों उत्सवों को भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के लिए पूर्ण सहयोग एवं सहभागिता का आश्वासन दिया।

श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट एवं आयोजन समिति ने कोरबा नगर एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं, मातृशक्ति, युवाओं, समाजजनों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव एवं 10-11 सितंबर को श्री राणी सती दादी जी के पावन भादी अमावस्या उत्सव में परिवार सहित सहभागी बनें और इस भव्य धार्मिक आयोजन को अपनी उपस्थिति एवं सहभागिता से सफल बनाएं।

आइए, भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रंगें, श्री राणी सती दादी जी के चरणों में श्रद्धा अर्पित करें और श्री सप्तदेव मंदिर में धर्म, भक्ति, संस्कृति एवं सामाजिक एकता के इस अनुपम उत्सव के साक्षी बनें।

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