ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती द्वारा आयोजित ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत 25 सितंबर को प्रातः 11 बजे देशभर के सरस्वती शिशु मंदिरों में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। एक समय, एक लय और एक स्वर में होने वाले इस सामूहिक गायन में स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में लगभग एक हजार लोग शामिल होंगे।
देशभर में करीब 25 हजार स्थानों पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में लगभग एक करोड़ लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक सफर से परिचित कराना, स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान एवं राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करना तथा नागरिकों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रसेवा और राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना है।
सामूहिक गायन में सरस्वती शिशु मंदिर के भैया-बहिन, आचार्यगण, प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य, अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं नागरिक शामिल होंगे।
स्वाधीनता आंदोलन में रहा महत्वपूर्ण योगदान
सन् 1874 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् गीत स्वतंत्रता आंदोलन में देशभक्ति और राष्ट्रभावना का महत्वपूर्ण प्रतीक बना। इस गीत ने स्वतंत्रता सेनानियों में साहस, शौर्य, त्याग और बलिदान की भावना को प्रेरित किया। साहित्यकारों, कवियों और लेखकों की रचनाओं के माध्यम से भी वंदे मातरम् की भावना ने स्वाधीनता आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने में भूमिका निभाई।
वंदे मातरम् ने देशवासियों को एक सूत्र में पिरोने और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का कार्य किया। सरस्वती शिशु मंदिर परिवार ने अभिभावकों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से इस सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल होकर भारतमाता के प्रति अपनी श्रद्धा, भक्ति एवं समर्पण व्यक्त करने की अपील की है।

