बेमेतरा।आश्विन मास शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर ग्राम बुचिपुर बेमेतरा में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महोत्सव में कथा व्यास आचार्य झम्मन शास्त्री ने देवी महिमा के साथ शक्ति उपासना का महत्व बताते हुए कहा, जीवन में जगत जननी की कृपा के बिना जगत पिता का ज्ञान संभव नहीं होता। सांसारिक वासनाओं की निवृत्ति के लिए मां भगवती की उपासना आवश्यक है। आदि शक्ति महामाया की उपासना से ही लौकिक माया के बंधन से मुक्त हो सकते हैं ।इसलिए जीव मात्र के कल्याण की भावना से जगत माता कई रूपों में अवतार लेकर भारत की पवित्र भूमि में लीला करती है ।शक्ति प्राप्त कर ब्रह्मा विष्णु महेश त्रिदेव भी जगत के सृष्टि पालन और संघर्ष कार्य में सफल होते हैं ।आचार्य शास्त्री जी ने कहा कि भारत सती, साध्वी, पतिव्रताओं का देश है। मां दुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी, मा सरस्वती, मां सीता, मां राधा ,मां पार्वती, मां सावित्री, मां गंगा, मां गायत्री 16 मातृका का 64 योगिनी 10 महाविद्या के रूप में प्रकट होकर जीव मात्र को अभय प्रदान करती है। बल्कि असुरों से संघार के लिए सदैव तत्पर रहती है । जिस देश में नारी शक्ति का सम्मान होता है। वहां देवता भी बालक बनाकर प्रकट हो जाते हैं। इसलिए हमारा भारत महान है। जहां भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर लीला करते हैं ।और भारतीय नारियों की शील पर कोई आघात पहुंचाने का प्रयास करता है ।तो उन्हें दंड देकर उनके कुल परिवार का विध्वंस भी कर देते हैं। महाभारत और रामायण काल का इतिहास प्रमाणित है। शास्त्रीय जी ने कथा की श्रृंखला के मध्य नाम संकीर्तन द्वारा श्रोताओं को मंत्र मुक्त करते हुए कहा कि मां की प्रसन्नता के लिए स्तुति प्रार्थना के साथ हम सत्कर्म पारायण बनाकर सुधर्म का पालन करें उन्होंने शिव पार्वती विवाह शक्तिपीठ वर्णन सृष्टि वर्णन वराह अवतार तुलसी विवाह और देवी उपासना वृतांत कहा। शास्त्री जी प्रतिदिन देवी महिमा पर प्रवचन के साथ सनातन धर्म भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों पर धर्मोपदेश युक्त मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। दिव्य श्रीमद् देवी भागवत के अंतर्गत शिव आराधना में शिव सहस्त्रनाम पाठ द्वारा नाना प्रकार के द्रव्य मिष्ठान फल पदम पुष्प बिल्व पत्र एवं रुद्राभिषेक रुद्राक्ष के द्वारा सहस्त्रार्चन किया जा रहा है।

समस्त ग्रामवासी मंगलमय इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर कथा के बाद महा आरती में सम्मिलित होकर मां भगवती से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
शिव पार्वती का पूजन आराधना देवीभागवत मंच में समस्त ग्रामवासीगण द्वारा कथा व्यास आचार्य पंडित झम्मन शास्त्री के पावन सानिध्य में की गयी ।



