Home छत्तीसगढ़ संभावनाओं का गढ़ है, छत्तीसगढ़ – राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज

संभावनाओं का गढ़ है, छत्तीसगढ़ – राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के पूर्व संध्या छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय गांडा महासमाज ने मनाया 26वां राज्य स्थापना दिवस, प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार ….के गीत से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी बाजपेयी और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी को किए याद।

रायपुर, छत्तीसगढ़, दिनांक 31 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के राष्ट्रीय युवा संगठन प्रभारी आशीष तांडी ने कहा छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के पावन अवसर पर 1 नवम्बर के पूर्व संध्या 31 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर के हृदय स्थल कलेक्टर चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष राष्ट्रीय गांडा महासमाज के आह्वान पर गरिमामय आयोजन किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय गांडा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक, राष्ट्रीय प्रभारी श्री बनमाली छूरा एवं राष्ट्रीय युवा संगठन प्रभारी श्री आशीष तांडी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजनों एवं गणमान्य नागरिकों ने एकत्रित होकर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा दीप प्रज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्री किशोर महानंद उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पृथक छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन के वरिष्ठ आंदोलनकारी नेता आदरणीय श्री उदय भान सिंह चौहान ने की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री किशोर महानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण यहां के जननायकों, आंदोलनकारियों और आम जनता के लंबे संघर्ष एवं बलिदान का परिणाम है। छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, सामाजिक समरसता और मेहनतकश जनता से है। हम सभी का दायित्व है कि प्रदेश के विकास, सामाजिक एकता और अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए मिलकर कार्य करें।

कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री उदय भान सिंह चौहान ने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना अनेक आंदोलनकारियों के संघर्ष और त्याग से साकार हुआ है। राज्य स्थापना दिवस हमें उन सभी संघर्षशील महापुरुषों एवं आंदोलनकारियों के योगदान का स्मरण कराता है। छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

राष्ट्रीय गांडा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि हमारी पहचान, हमारी संस्कृति, हमारी माटी और हमारी भावनाओं का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए महासमाज प्रदेश के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समाज का उद्देश्य सामाजिक एकता को मजबूत करना, शिक्षा को बढ़ावा देना, युवाओं एवं महिलाओं को आगे लाना तथा नशामुक्त और समृद्ध समाज का निर्माण करना है।

राष्ट्रीय प्रभारी श्री बनमाली छूरा ने भी प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए युवाओं एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त किशोर महानंद, पृथक छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलनकारी नेता उदयभान सिंह चौहान, राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक, राष्ट्रीय प्रभारी बनमाली छुरा, राष्ट्रीय युवा संगठन प्रभारी आशीष तांडी, कपिलेश्वर बाघ, अधिवक्ता कैलाश हरपाल, मनोज सोना, बिट्टू क्षत्रि, जयलाल नायक, हरिचरण महानंद, वीरेंद्र सोना, श्री धूबले तांडी, नरोत्तम नायक, अधिवक्ता पारस नायक, अधिवक्ता अर्जुन छूरा, अधिवक्ता संध्या विभार, पुष्पा नायक, लता बाघ, नीला नायक, नंदनी दीप, सीमा नायक सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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