लोकगायिका अल्का चंद्राकर के छत्तीसगढ़ी गीतों पर झूमे दर्शक, स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बेमेतरा के बेसिक स्कूल ग्राउंड में जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। पूरा परिसर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा, विकास और उत्साह के रंगों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में जहां शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की झलक देखने को मिली, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद विजय बघेल, मंत्री दयाल दास बघेल, साजा विधायक ईश्वर साहू, बेमेतरा विधायक दीपेश साहू एवं प्रह्लाद रजक सहित अन्य अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया तथा योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

विकास प्रदर्शनी में दिखी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक
राज्योत्सव स्थल पर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए थे। इनमें कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिवासी विकास विभाग सहित अन्य विभाग शामिल रहे।
प्रदर्शनी के माध्यम से महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन एवं आयुष्मान भारत योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में आए बदलावों को प्रदर्शित किया गया। लोगों ने उत्सुकता के साथ विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली तथा हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए।
स्कूली बच्चों ने लोकनृत्य एवं पंडवानी से बिखेरी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा
राज्योत्सव के सांस्कृतिक मंच पर शासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ की लोककला एवं परंपराओं को जीवंत कर दिया। पंथी नृत्य की थाप, पंडवानी का ओजस्वी गायन, आदिवासी लोकगीतों की मधुरता और सुआ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नन्हे कलाकारों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रत्येक प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।
अल्का चंद्राकर के गीतों पर देर रात तक झूमते रहे दर्शक
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोकगायिका अल्का चंद्राकर की सांस्कृतिक प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति देकर पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया।
उनके द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गीत “अरपा पैरी के धार…” सहित सुआ एवं ददरिया गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोकगायिका की प्रस्तुति के दौरान पूरा पंडाल तालियों और उत्साह से गूंज उठा। देर रात तक बड़ी संख्या में उपस्थित लोग उनकी प्रस्तुति का आनंद लेते रहे।
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, मंत्री दयाल दास बघेल, साजा विधायक ईश्वर साहू, बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, प्रह्लाद रजक सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल, जिला पंचायत सीईओ सुश्री प्रेमलता पद्माकर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी, बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जिला प्रशासन ने सभी अतिथियों, कलाकारों, विद्यार्थियों, नागरिकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राज्योत्सव ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और विकास की यात्रा को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर स्थापना दिवस को यादगार बना दिया।




