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छत्तीसगढ़: आबकारी घोटाले में कांग्रेस कार्यालय कुर्क हुआ, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र

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कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सुकमा जिले में पार्टी कार्यालय कुर्क किए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की और इस कदम को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा बताया।

छत्तीसगढ़  की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गयी है। काफी दिनों से चल रही छापेमारी के चलते कांग्रेस का सुकमा जिले में बना  कार्यालय कुर्क कर दिया गया है। कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सुकमा जिले में पार्टी कार्यालय कुर्क किए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की और इस कदम को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा बताया।

शराब घोटाले से जुड़ा धन शोधन मामला

ईडी ने प्रदेश में पिछली भूपेश बघेल सरकार के दौरान हुए 2100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत सुकमा स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय और विधायक व पूर्व मंत्री कवासी लखमा की कुल 6.15 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई की संचार शाखा के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के निर्देश पर ईडी ने पार्टी के सुकमा जिला कार्यालय को कुर्क किया है।

भाजपा के राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा 

शुक्ला ने कहा, “भाजपा के इशारे पर केंद्रीय एजेंसियां अपनी सीमाओं को लांघ रही है। कांग्रेस के सुकमा जिला कांग्रेस भवन को ईडी द्वारा कुर्क किया जाना बेहद आपत्तिजनक है। ईडी की यह कार्रवाई भाजपा के राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा है।” उन्होंने कहा कि वह जिला कार्यालय बनाने के लिये वित्तपोषण के एक-एक पैसे का हिसाब दे देंगे। शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस ने 15 वर्ष विपक्ष में रहने के दौरान अपने कार्यकर्ताओं और जनता के सहयोग से राजीव भवन बनाया था।

आरएसएस ने 500 करोड़ की लागत से दिल्ली में अपना दफ्तर बनाया 

उन्होंने पूछा, “ईडी में साहस है तो भाजपा के 150 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर में बने कार्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे परिसर’ के लिए पैसा कहां-कहां से आया इसकी जांच करे? कुशाभाऊ ठाकरे परिसर, पांच सितारा होटल की तर्ज पर बनाया गया है। उसकी लागत कहां से आई ईडी जांच करेगी?” कांग्रेस नेता ने कहा, “आरएसएस ने 500 करोड़ की लागत से दिल्ली में अपना दफ्तर बनाया है। इस रकम के स्रोत की ईडी जांच क्यों नहीं करती है? ईडी, भाजपा के अनुषांगिक संगठन की भांति काम कर रही है। कांग्रेस कार्यालय की जांच हो सकती है तो भाजपा के कार्यालयों की जांच क्यों नहीं होना चाहिए?”

इस बीच, सत्तारूढ़ भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता केदार गुप्ता ने कहा कि पिछली भूपेश बघेल सरकार के दौरान कई घोटाले हुए और अब भ्रष्टाचार की नींव पर बने पार्टी कार्यालय को कुर्क किया गया है। गुप्ता ने कहा, “पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासनकाल (2018 से 2023) में लगातार भ्रष्टाचार होते रहे। कोई जेल में, कोई जमानत पर और किसी पर कार्रवाई जारी है।” उन्होंने कहा कि आबकारी घोटाले में कवासी लखमा और उनके बेटे की करोड़ों की संपत्ति जब्त हुई है।

भाजपा नेता ने कहा, “सुकमा में कांग्रेस पार्टी का कार्यालय भी कुर्क हो गया। मुझे लगता है कि यह भारत के इतिहास में यह पहली घटना होगी, जब किसी राजनीतिक पार्टी का कार्यालय कुर्क कर लिया गया। आखिर वह कार्यालय भ्रष्टाचार के नीव में जो खड़ा था।” सूत्रों ने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में लखमा, उनके बेटे हरीश लखमा और सुकमा जिले में कांग्रेस कार्यालय भवन की संपत्तियां शामिल हैं। कथित शराब घोटाले के मामले में इस वर्ष जनवरी में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से लखमा (72) रायपुर के केंद्रीय जेल में बंद हैं।

केंद्रीय एजेंसी ने दिसंबर 2024 में रायपुर, सुकमा और धमतरी जिलों में लखमा के ठिकानों पर छापेमारी की थी। कोंटा विधानसभा सीट (सुकमा जिले) से छह बार विधायक रहे लखमा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रह चुके हैं। ईडी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ।

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