जांजगीर-चाम्पा में वर्ष 2021 में थाना बम्हनीडीह क्षेत्र में हुई लूटपाट व उगाही के एक गंभीर मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के छह सदस्यों को दोषी पाते हुए न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है।
जांजगीर-चापा- जांजगीर-चाम्पा में वर्ष 2021 में थाना बम्हनीडीह क्षेत्र में हुई लूटपाट व उगाही के एक गंभीर मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के छह सदस्यों को दोषी पाते हुए न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है। आरोपियों को भा.दं.सं. की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए सात-सात साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
घटना 27 अगस्त 2021 की दोपहर की है, जब आरोपीगण एक राय होकर आवेदक की कीटनाशक दवाइयों की दुकान में घुस गए दुकान में घुस कर अपने आप को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना का नेता एवं पदाधिकारी बताते हुये नकली दवाई एवं नकली खाद बेचने का आरोप लगाते हुये लड़ाई-झगड़ा करते हुये मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां तथा जान से मारने की धमकी देकर सभी लोग हाथ मुक्का लाठी, डंडा एवं गुप्ती निकाल कर मारपीट किये एवं दुकान में रखे सामान दवाई खाद आदि को बलपूर्वक उठाकर अपने गाड़ियों में भरने लगे और धमकी देकर रूपये पैसे की उगाही के फिराक में लड़ाई-झगड़ा करने पर उपस्थित गवाह पुष्पेन्द्र, अर्जुन निराला, पवन केशरवानी, अनिल सिंघानिया आदि लोग बीच-बचाव करने लगे तो उन्हें भी आरोपीगण द्वारा गाली-गुप्तार मारपीट किया गया एवं जब गांव वालों की भीड़ आने लगी तो आरोपीगण भागने लगे जिसमें से आरोपी भूपेन्द्र रात्रे, लक्की वर्मा, तरूण साहू, कुणाल बघेल, भोला कश्यप, रामपाल कश्यप को प्रार्थी उपस्थित गवाहों, आहतों व आमजनता द्वारा पकड़ लिया गया तथा पुलिस थाना लेकर आये एवं प्राथी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपीगण को विधिवत गिरफतार किया गया। गिरफतारी की सूचना उनके परिजनों को दी गयी और वहां गाली-गलौच, मारपीट, और जबरन एक लाख रुपये की उगाही की। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी।
इस मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी हैं –
भूपेन्द्र रात्रे (31), लक्की वर्मा (29), तरुण कुमार (23), कृपाण बघेल (26), भोला कश्यप (29) और रामपल कश्यप (24)। सभी को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 452, 323 (तीन बार), 386 और 397 के तहत सजा सुनाई गई है। धारा 397 के तहत सात वर्ष का सश्रम कारावास और ₹500 जुर्माना लगाया गया है।इसके अतिरिक्त, भोला कश्यप को आयुध अधिनियम की धारा 25(1)(1-ख) के तहत भी तीन वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास और जुर्माना भुगतना होगा। इस गंभीर मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), न्यायालय जांजगीर ने की, जबकि अभियोजन पक्ष की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक योगेश गोपाल ने की।




