दुर्ग जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बोरी तहसील कार्यालय के बाबू को 17,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। तुरकाने ने टेकापारा निवासी किसान झनेंद्र कुमार से चार जमीनों के नामांतरण के लिए 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। किसान की शिकायत पर ACB ने जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। बोरी तहसील कार्यालय के क्लर्क वीरेंद्र तुरकाने को 17,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने टेकापारा निवासी किसान झनेंद्र कुमार से चार जमीनों के नामांतरण के लिए प्रति जमीन 5,000 रुपये के हिसाब से 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
किसान ने रिश्वत देने से इनकार कर एसीबी में शिकायत दर्ज की। शिकायत के सत्यापन के दौरान मोलभाव के बाद तुरकाने 17,500 रुपये लेने को तैयार हुआ। एसीबी ने जाल बिछाकर किसान को केमिकल लगे नोट दिए, जिन्हें तुरकाने को सौंपा गया। इसके बाद एसीबी की टीम ने उसे रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।



