भाटापारा जिले में पुलिस और नागरिकों ने सूझबूझ से रानीजरौद के एक युवक को शिवनाथ नदी में कूदकर आत्महत्या करने से बचाया। मानसिक तनाव में रहे युवक को समझाइश देकर सुरक्षित उसके परिवार को सौंपा गया।
सिमगा थाना पुलिस और नगरिकों के सहयोग से एक युवक की जान बचाने का सराहनीय मामला सामने आया है। ग्राम रानीजरौद में रहने वाला एक व्यक्ति मानसिक तनाव के चलते शिवनाथ नदी पुल से छलांग लगा दी। रात्रि गश्त में तैनात पुलिस टीम और स्थानीय नागरिकों ने सूझबूझ से उसकी जान बचा ली।
गुरुवार की रात गश्त कर रही सिमगा थाना पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति पुल से कूदकर आत्महत्या करने जा रहा है। सूचना मिलते ही सहायक उपनिरीक्षक विष्णु टंडन, प्रधान आरक्षक प्रदीप शुक्ला, आरक्षक चंद्रिका वर्मा, देवप्रसाद पैकरा, संजय कुमार ध्रुव एवं किशोर मरकाम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, तब तक वह व्यक्ति नदी में कूद चुका था।
पुलिस स्टाफ ने बिना समय गंवाए मौके पर मौजूद नगरवासियों सोनू निषाद, जस्सू साहू, रामकृष्ण साहू और सुशील यादव की मदद से नदी में कूदे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। व्यक्ति अत्यधिक मानसिक तनाव में था और बार-बार आत्महत्या की कोशिश कर रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी निधि नाग भी तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों ने संयम और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उसे समझाइश दी और मानसिक रूप से शांत किया।
बाद में उसे सकुशल उसके निवास ग्राम रानीजरौद में उसके परिवार को सुपुर्द किया गया। थाना सिमगा पुलिस की यह कार्यवाही न केवल उनकी संवेदनशीलता और सजगता को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि रात्रि गश्त और नागरिक सहयोग मिलकर किसी की कीमती जान बचाने में कितने कारगर सिद्ध हो सकते हैं।



