उत्तर बस्तर में सक्रिय 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। इनमें कंपनी कमांडर मंगलू उर्फ रूपेश कोमरा और उत्तर बस्तर डिवीजन कमांडर मैनू नेगी भी शामिल हैं, जिन पर 10 लाख और आठ लाख का इनाम था।
कांकेर जिले में नक्सल मोर्चे पर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। उत्तर बस्तर में सक्रिय 62 लाख रुपये के इनामी 13 नक्सलियों ने गुरुवार को आत्मसमर्पण किया। इनमें पांच महिला नक्सली शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में कंपनी कमांडर मंगलू उर्फ रूपेश कोमरा (10 लाख का इनाम) और उत्तर बस्तर डिवीजन के कमांडर-इन-चीफ मैनू नेगी (8 लाख का इनाम) जैसे बड़े नक्सली नेता शामिल हैं।
अन्य आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में नरेश दुग्गा, कारु वेढ़दा, माड़वी सोनमती, शीला पुड़ो, सरोदा उसेंडी, मानुराम, सुकारो नूरेटी, सोमारी उर्फ कविता, राजू, पवन पड़दा और असनू राम शामिल हैं। इनमें से एक नक्सली पर 10 लाख, चार पर 8-8 लाख, तीन पर 5-5 लाख और पांच पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था। ये नक्सली रावघाट एरिया कमेटी, परतापुर एरिया कमेटी और माड़ डिवीजन में लंबे समय से सक्रिय थे।
पुलिस के मुताबिक, मंगलू और मैनू पिछले 20 वर्षों से नक्सल संगठन से जुड़े थे और कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रहे। मंगलू पर सात जवानों की हत्या का आरोप है, जबकि मैनू पर 26 जवानों की हत्या का आरोप है। इनके आत्मसमर्पण से उत्तर बस्तर में नक्सली संगठन को करारा झटका लगा है। पिछले डेढ़ साल से नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे आक्रामक अभियान के कारण नक्सली बैकफुट पर हैं। लगातार एनकाउंटरों के बाद जंगलों में जान बचाने को मजबूर नक्सली अब बड़ी संख्या में हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
कांकेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आई कल्याण एलिसेला ने बताया कि नक्सल संगठन अब पूरी तरह टूट चुका है और कई अन्य नक्सली आत्मसमर्पण के लिए पुलिस के संपर्क में हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। यह आत्मसमर्पण नक्सल प्रभावित उत्तर बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



