दंतेवाड़ा जिले के गीदम क्षेत्र में मोटरसाइकिल गैरेज चलाने वाले मालिक को गीदम पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उसके गैरेज के पीछे से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद किया गया, इस फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने वालों में 2 अन्य साथी भी थे।
दंतेवाड़ा जिले के गीदम क्षेत्र में मोटरसाइकिल गैरेज चलाने वाले मालिक को गीदम पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उसके गैरेज के पीछे से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद किया गया, इस फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने वालों में 2 अन्य साथी भी थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया गया, पकड़े गए मोटरसाइकिल की कीमत 7 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है, वही पुलिस ने इस मामले में फर्जी आरसी बुक आदि भी बरामद किया है।
मामले का खुलासा करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया की 24 जुलाई को एमसीपी लागाकर वाहनों की चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध दोपहिया वाहन को रोका गया, वाहन चालक के पास वाहन के संबंध में किसी भी तरह से कोई भी कागजात नहीं थे, वही जब वाहन नंबर की जांच की गई तो दुपहिया नंबर एक कार के नंबर के रूप में दर्ज किया गया था, पुलिस ने आरोपी गुलशन नाहटा निवासी गीदम को थाने लाकर पूछताछ करने पर उसने बताया कि वाहन चोरी की है, इसके अलावा अन्य और वाहन है जिसे वह अपने गैरेज के पीछे छिपाकर रखा हुआ है, आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी के गैरेज के पीछे खोजबीन किया, जहाँ अन्य वाहन को भी बरामद किया गया।
आरोपी गुलशन नाहटा ने पुलिस को बताया कि वह एक मोटरसाइकिल गैरेज चलाता है, साथ ही हैदराबाद से चोरी की गई दुपहिया वाहन जिनमें स्पलेंडर, बुलेट एवं पल्सर शामिल हैं, सभी को गीदम लाकर अपने अन्य दो साथियों की मदद से फर्जी दस्तावेज और फर्जी नंबर प्लेट बनाकर बेचने का प्रयास कर रहा था, आरोपी ने यह भी बताया कि वह यह कार्य कैलाश निषाद निवासी जगदलपुर और रिज्जू केजे निवासी गीदम के साथ मिलकर करता था, फर्जी आरसी बुक तैयार कर वाहनों को बेचने में दोनों संलिप्त थे, आरोपी की निशानदेही पर पांच दोपहिया वाहन दो बुलेट, दो स्पलेंडर, एक पल्सर बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 7 लाख 50 हजार है, जब्त वाहनों के नंबर प्लेट और दस्तावेजों की पुष्टि पर पाया गया कि ये वाहन फर्जी नंबरों के साथ उपयोग किए जा रहे थे, इस मामले में इस्तेमाल किए गए प्रिंटर तथा अन्य सामग्री भी गीदम पुलिस ने बरामद करते हुए जब्त कर लिया है। इस मामले में थाना गीदम में 3 आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय दंतेवाड़ा में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।



