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टीएस सिंहदेव को हराने वाले विधायक राजेश लेंगे मंत्री पद की शपथ, जानें उनका राजनीतिक सफर

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विष्णुदेव मंत्रिमंडल का बुधवार को विस्तार हो रहा है। तीन नये मंत्रियों में से एक मंत्री सरगुजा संभाग से बनाया जा रहा है। इसमें अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल 20 अगस्त को मंत्री पद की शपथ लेंगे। राजेश अग्रवाल वहीं विधायक हैं जो सरगुजा संभाग में राजनीतिक पकड़ रखने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को विधानसभा चुनाव-2023 में हराकर पहली बार विधायक बने।

राजेश अग्रवाल को मंत्री बनाये जाने की खबर सुनते ही अंबिकापुर विधानसभा में जश्न का माहौल है। लखनपुर में भाजपाइयों ने लड्डू बांटकर जश्न मनाया। वहीं अंबिकापुर, लखनपुर, उदयपुर के कई भाजपा जनप्रतिनिधि रायपुर में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिये रवाना हुए।

राजनीतिक सफर 
राजेश अग्रवाल पहले कांग्रेस में थे। इसके बाद भाजपा में शामिल होकर विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को महज 94 वोटों से पराजित कर राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी थी। भाजपा में शामिल होने के बाद से ही उनके मंत्री बनने की अटकलें तेज हो गई थीं, जो अब जाकर साकार हो रही हैं। लगभग डेढ़ वर्ष के इंतजार के बाद राजेश अग्रवाल को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने पर अंबिकापुर विधानसभा में जश्न का माहौल है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई और शुभकामनाएं दीं। परिवारजनों ने भी इस उपलब्धि को गौरवपूर्णक्षण बताया। उनके मंत्री बनने से अंचल में विकास की नई उम्मीद बढ़ गई है। क्षेत्रीय जनता अब उनके नेतृत्व में स्थानीय मुद्दों के समाधान और प्रशासनिक सुधार की अपेक्षा कर रही है।

बगावत कर छोड़ी थी कांग्रेस
अंबिकापुर विधानसभा से भाजपा विधायक राजेश अग्रवाल कांग्रेस संगठन से नाराज होकर पार्टी छोड़ी थी। राजेश अग्रवाल लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और लखनपुर क्षेत्र में कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते थे। साल 2009 के निकाय चुनाव में टिकट न मिलने पर उन्होंने बगावत की थी। निर्दलीय नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा। वह महज एक वोट के अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार से चुनाव हार गए थे। साल 2014 में कांग्रेस ने उन्हें नगर पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिया और वह नगर पंचायत अध्यक्ष बने। नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस संगठन से नाराजगी के कारण राजेश अग्रवाल ने वर्ष 2017 में कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा से अंबिकापुर विधानसभा के लिए दावेदारी की थी, लेकिन भाजपा ने दोबारा अनुराग सिंहदेव को प्रत्याशी बनाया था। वहीं 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें अंबिकापुर सीट से टिकट दिया। विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव महज 94 वोटों से मात देकर जीत दर्ज की थी।

जातिय समीकरण
राजेश अग्रवाल मारवाड़ी समाज से आते हैं। उनके पिता चांदीराम अग्रवाल लखनपुर के बड़े व्यापारी थे। जब आवागमन की सुविधाएं कम हुआ करती थी, तो उनके पिता का कारोबार लखनपुर के साथ ही उदयपुर क्षेत्र तक फैला हुआ था। लोगों का खुलकर सहयोग करने के कारण उनकी क्षेत्र में खासी पकड़ थी। साय सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलें 20 अगस्त को मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही खत्म हो जाएगी।

 

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