गरियाबंद में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ खत्म हो चुकी है। फिलहाल, पुलिस का सर्चिंग अभियान जारी है।
वहीं बीजापुर में 26 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ फोर्स ने कुल 10 नक्सलियों को मार गिराया है। बड़ी बात ये है कि मैनपुर के जंगलों में हुई मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मनोज मोडेम उर्फ बालकृष्ण भी मारा गया है। वहीं 25 लाख रुपये का इनामी नक्सली प्रमोद भी मारा गया। रायपुर संभाग के आईजी अमरेश मिश्रा और गरियाबंद जिले के एसपी निखिल राखेचा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मैनपुर के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर गरियाबंद ई-30, एसटीएफ और सीआरपीएफ की कोबरा टीम मौके पर पहुंची, जहां फोर्स और नक्सलियों के बीच रुक-रुककर मुठभेड़ चलती रही। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद किये गये हैं। इनमें सात आटोमेटिक हथियार शामिल हैं। कई नक्सल सामग्री भी बरामद की गई है।
बताया जाता है कि एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मनोज मोडेम उर्फ बालकृष्ण उर्फ भास्कर नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी का मेंबर था। वह ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था। वह ओएससी और सीआरबी का भी सदस्य था।
मैनपुर के आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों से बाहर न जायें और फोर्स को हर तरह से मदद करें। फिलहाल मुठभेड़ खत्म हो चुकी है। विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी।
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि मैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जंगल में उस समय मुठभेड़ शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मी नक्सल विरोधी अभियान पर सर्चिंग पर थे। इस अभियान में विशेष कार्य बल (एसटीएफ), कोबरा (सीआरपीएफ की एक विशिष्ट इकाई – कमांडो बटालियन फॉर रेज़ोल्यूट एक्शन) और अन्य राज्य पुलिस इकाइयों के जवान शामिल हैं। जमीनी स्तर से मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम 10 नक्सली मारे गए हैं।



