बार-बार ज्ञापन और आंदोलनों के बावजूद प्रशासन के आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रहे हैं। इसी के खिलाफ ओबीसी महासभा के संभाग उपाध्यक्ष चैतुराम साहू ने सोमवार दोपहर से मरते दम तक मौन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कोयलांचल क्षेत्र में जर्जर सड़कों से परेशान ग्रामीणों की समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। बार-बार ज्ञापन और आंदोलनों के बावजूद प्रशासन के आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रहे हैं। इसी के खिलाफ ओबीसी महासभा के संभाग उपाध्यक्ष चैतुराम साहू ने सोमवार दोपहर से मरते दम तक मौन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
साहू ने बताया कि कोयला परिवहन के कारण छाल क्षेत्र की सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। ऐडु पुल से छाल-घरघोड़ा चौक, थानापारा, धूल चौक से नवापारा तक की सड़क लंबे समय से जर्जर है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं बड़े वाहनों से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से हादसों का खतरा और बढ़ गया है।
आश्वासन लेकिन काम नहीं
उन्होंने याद दिलाया कि 12 जुलाई को तहसीलदार ने लिखित आश्वासन दिया था कि वर्षाकाल के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा और गड्ढों की मरम्मत होती रहेगी। लेकिन आज तक न तो मरम्मत का काम हुआ और न ही सड़क निर्माण शुरू हो सका।
आंदोलन को मिला समर्थन
चैतुराम साहू का कहना है कि सड़क बनने तक वे भूख हड़ताल पर अडिग रहेंगे। उनके इस आंदोलन को ओबीसी महासभा के जिला प्रवक्ता श्रीमंत राव मेश्राम, जनपद पंचायत सदस्य संतराम खुंटे, जिला अध्यक्ष नंदलाल चंद्रा, श्याम राठिया (सरपंच), भगतराम राठिया (सरपंच बोजिया) सहित कई ग्रामीणों का समर्थन मिल रहा है।


