आज मुख्यमंत्री बालोद जिले के प्रवास पर रहे बाबा बालक दास के बुलावे पर मुख्यमंत्री आए थे लेकिन यहां पर बालोद जिले के आदिवासी समाज ने आयोजन का विरोध करते हुए आयोजन स्थल से 5 किलोमीटर पहले चौक पर अपना विरोध दर्ज कराया।
आज मुख्यमंत्री बालोद जिले के प्रवास पर रहे बाबा बालक दास के बुलावे पर मुख्यमंत्री आए थे लेकिन यहां पर बालोद जिले के आदिवासी समाज ने आयोजन का विरोध करते हुए आयोजन स्थल से 5 किलोमीटर पहले चौक पर अपना विरोध दर्ज कराया दरअसल आदिवासी समाज को मुख्यमंत्री से कोई दिक्कत नहीं थी बल्कि वे पिता देश बालक दास से नाराज थे उनका आरोप है कि उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध है उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और बाबा बालक दास द्वारा शासकीय जमीन पर भेजो कब्जा किया गया है और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है।
पाठ हमारा देव स्थल
आदिवासी समाज ने कहा कि जिस जगह पर बाबा बालक दास रहते हैं उसे देव स्थल आदिवासी समाज दशकों से पूछता आ रहा है लेकिन उन्होंने उसका नाम बदल दिया और अपने हिसाब से वहां मंदिर निर्माण कर रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को यहां नहीं आना चाहिए वह सरकार को बुलाकर अपनी बातें मानवता हैं और आदिवासी समाज लगातार इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है और इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए हमें हमारा देव स्थल वापस सौंप देना चाहिए ताकि शांतिपूर्ण ढंग से सारी व्यवस्थाएं संचालित हो सके और जल जंगल जमीन की हम रक्षा करते हैं लेकिन यहां पर दोहन हो रहा है।
आदिवासी समाज ने कहा कि जिस जगह पर बाबा बालक दास रहते हैं उसे देव स्थल आदिवासी समाज दशकों से पूछता आ रहा है लेकिन उन्होंने उसका नाम बदल दिया और अपने हिसाब से वहां मंदिर निर्माण कर रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को यहां नहीं आना चाहिए वह सरकार को बुलाकर अपनी बातें मानवता हैं और आदिवासी समाज लगातार इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है और इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए हमें हमारा देव स्थल वापस सौंप देना चाहिए ताकि शांतिपूर्ण ढंग से सारी व्यवस्थाएं संचालित हो सके और जल जंगल जमीन की हम रक्षा करते हैं लेकिन यहां पर दोहन हो रहा है।



