मार्कफेड का बड़ा आदेश: धान खरीदी केंद्रों में निजी एजेंसियों का दखल खत्म; पुरानी नीति के तहत होगी व्यवस्था
रायपुर/बिलासपुर : छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) ने एक निर्णायक कदम उठाते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान उपार्जन केंद्रों/समितियों में डाटा एंट्री ऑपरेटरों (DEO) के आउटसोर्सिंग (Outsourcing) से नियोजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
यह फैसला डाटा एंट्री ऑपरेटरों और समिति प्रबंधकों द्वारा अपनी मांगों को लेकर की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल/असहयोग की समाप्ति के बाद लिया गया है।
🛑 आउटसोर्सिंग एजेंसियों का ठेका निरस्त
मार्कफेड द्वारा जारी आदेश क्रमांक/विपणन/25-26/4148/2025/न.रा.अ.न. दिनांक 21.11.2025 में स्पष्ट किया गया है कि, चूंकि हड़ताल समाप्त हो चुकी है, इसलिए पूर्व में आउटसोर्सिंग के लिए जारी सभी कार्यादेशों और अनुबंधों को निरस्त किया जाता है।
निरस्त की गईं प्रमुख आउटसोर्सिंग एजेंसियां:
BOMBAY INTEGRATED SECURITY (INDIA) LIMITED
EAGLE HUNTER SOLUTIONS LIMITED
WORLD CLASS SERVICES LIMITED
✅ अब क्या होगा? पुरानी नीति के तहत होगी भर्ती
आदेश के अनुसार, अब धान उपार्जन केन्द्रों में डाटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था धान उपार्जन नीति की कंडिका क्रमांक 11.3 (उप कंडिका 11.3.1 और 11.3.2) के अनुसार की जाएगी। यह कदम सहकारी समितियों के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है, जिसके तहत वे निजी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से होने वाले शोषण और अनियमितताओं को समाप्त करने की मांग कर रहे थे।
इस फैसले को राज्य के सहकारी समितियों के कर्मचारियों की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
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