– थर्मल पावर ने राज्य ही नहीं देश में दी है छत्तीसगढ़ को अमिट पहचान, युवाओं को रोजगार भी
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति नई ऊँचाइयों पर पहुँची है। दशकों से लंबित महत्वपूर्ण अधोसंरचना और ऊर्जा परियोजनाएँ अब प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से समयबद्ध ढंग से पूरी हो रही हैं। यह केंद्र सरकार की परिणामोन्मुख, जवाबदेह और निर्णायक कार्यशैली का स्पष्ट प्रमाण है, जिससे राज्यों को भी विकास की नई गति मिली है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रगति प्लेटफॉर्म का प्रभाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से न केवल देश में रेल उत्पादन को नई गति मिली है, बल्कि इससे हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इस परियोजना ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती दी है और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा प्रदान की है। इसी तरह एनटीपीसी की लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है तथा औद्योगिक, वाणिज्यिक और कृषि गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय ऊर्जा मानचित्र पर और अधिक सुदृढ़ करती है।
एक दशक से 85 लाख करोड़ की प्रगति
बीते एक दशक में इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं की प्रगति तेज हुई है। इनमें अवसंरचना, ऊर्जा, रेल, सड़क, कोयला और अन्य क्षेत्रों की अनेक परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ से जुड़ी कई अहम योजनाएँ भी सम्मिलित हैं। प्रगति बैठकों में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य का विशेष उल्लेख किया गया। यह परियोजना वर्ष 2007 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन प्रगति प्लेटफॉर्म के अंतर्गत नियमित समीक्षा, अंतर-एजेंसी समन्वय और समय पर निर्णय के चलते इसे नई गति मिली। इसके परिणामस्वरूप परियोजना कार्य तेजी से आगे बढ़ा और लक्षित प्रगति सुनिश्चित हुई।
दो योजनाओं से की गई विकास की गति तय
राज्य सरकार द्वारा दो प्रमुख योजनाओं की वजह से विकास की गति तय की गई है। रायगढ़ जिले में वर्ष 2009 में स्वीकृत लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना को भी प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हो चुकी है। लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना ने न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि प्रदेश को “पावर हब ऑफ इंडिया” के रूप में और अधिक सशक्त किया है। इससे राज्य और देश दोनों के ऊर्जा तंत्र को स्थिरता और विश्वसनीयता प्राप्त हुई है। सीएम ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना जैसी बड़ी योजनाओं को मिली नई गति इस बात का प्रमाण है कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने वास्तविक अर्थों में समाधान-उन्मुख शासन का मॉडल प्रस्तुत किया है।




