धमतरी। धमतरी जिले में इस वर्ष धान खरीदी के दौरान अभूतपूर्व स्थिति निर्मित हो गई है। जिले में डेढ़ सौ से अधिक मिलर्स और तीन बड़े संग्रहण केंद्र मौजूद होने के बावजूद 74 समितियों के अंतर्गत संचालित लगभग 100 उपार्जन केंद्रों में धान बफर लिमिट से तीन से चार गुना अधिक मात्रा में जाम हो गया है। कई खरीदी केंद्रों में हालात ऐसे हैं कि चारों ओर ट्रकों की कतारें लगी हुई हैं और धान खाली करने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।
जानकारी के अनुसार कई समितियों में समस्त धान का टीडीओ (ट्रांसपोर्ट डिलीवरी ऑर्डर) जारी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद हेमाल ट्रकों के समय पर नहीं पहुंचने से धान उठाव प्रभावित हो रहा है। वहीं कई समितियां अब भी टीओडीओ जारी होने का इंतजार कर रही हैं, जिससे धान उठाव में भारी असमानता देखने को मिल रही है।
धान उठाव की धीमी गति का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए खरीदी केंद्रों तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर इतनी अधिक भीड़ और जाम की स्थिति है कि किसानों को धान उतारने के लिए खाली स्थान ढूंढना तक मुश्किल हो गया है।
किसानों का कहना है कि जिले में पर्याप्त संख्या में मिलर्स और संग्रहण केंद्र होने के बावजूद यदि समय पर धान का उठाव नहीं हो रहा, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। इस वर्ष पहली बार धमतरी जिले के खरीदी केंद्रों में इस स्तर का ऐतिहासिक धान जाम देखने को मिल रहा है।
किसान संगठनों ने मांग की है कि धान उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को सुचारु किया जाए और सभी समितियों में टीओडीओ जारी कर समान रूप से धान का उठाव कराया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और खरीदी व्यवस्था पटरी पर लौट सके।




