Home छत्तीसगढ़ एकदिवसीय सत्संग कथा में धर्म, सत्संग और गौसेवा का संदेश

एकदिवसीय सत्संग कथा में धर्म, सत्संग और गौसेवा का संदेश

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ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया

थान खमरिया में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भागवताचार्य विपिन बापू के सान्निध्य में अमित बिंदल एवं उनकी धर्मपत्नी किरण बिंदल के निवास पर एकदिवसीय सत्संग एवं भागवत कथा का आयोजन किया गया।
कथा के पूर्व महाराज जी नगर की स्थानीय रामकृष्ण गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गौमाता को गुड़ और चारा खिलाकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर गौशाला के गोभक्त भी उपस्थित रहे।
कथा के दौरान विपिन बापू ने धर्म, सत्संग, नामजप और गौसेवा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। महाराज जी ने कहा कि जीवन में धर्म का होना अत्यंत आवश्यक है। मनुष्य के जीवन में सत्संग और एकनिष्ठता का होना जरूरी है, लेकिन आज के समय में अधिकांश लोगों के जीवन में अनुशासन और समय का सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हिंदू के घर में रामायण और गीता अवश्य होनी चाहिए, क्योंकि यही ग्रंथ हमें जीवन जीने की सही दिशा देते हैं।


कथा के दौरान उन्होंने राधा-कृष्ण भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि राधा का प्रेम निस्वार्थ समर्पण का प्रतीक है और लाड़ली जी की कृपा के बिना कोई भी दिव्य प्रेम को नहीं जान सकता। राधा नाम का जप अत्यंत कल्याणकारी है। महाराज जी ने भजन और भक्ति के महत्व को बताते हुए कहा कि कलयुग में भगवान के नाम का जप ही आत्मकल्याण, मानसिक शांति और ईश्वर प्राप्ति का सबसे सरल मार्ग है।
उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का स्मरण मनुष्य के अंतर्मन को शुद्ध करता है, पाप प्रवृत्तियों को नष्ट करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। कथा में उन्होंने भगवान के 24 अवतारों का भी विस्तार से वर्णन किया और कहा कि भारत की भूमि वंदनीय और पूजनीय है, जहां भगवान ने अनेक अवतार धारण किए।
महाराज जी ने गोवर्धन पूजा के प्रसंग पर विशेष जोर देते हुए गौसेवा और गौसंरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गाय को वेदों में अमृत का स्रोत और संसार की माता कहा गया है, इसलिए उनका संरक्षण और सेवा करना प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है। कथा के दौरान उन्होंने गायों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए गौसंरक्षण के लिए शासन-प्रशासन से उचित व्यवस्था करने की भी बात कही।
कार्यक्रम में पंडित ओमप्रकाश जोशी, रामेश्वर उपाध्याय, रवि बिंदल, अनिल सिंघानिया, पुरुषोत्तम अग्रवाल, महंत बसंत दास, प्राचार्य लखन साहू, शिवेंद्र बिंदल, राकेश जोशी, बलदेव जोशी, श्रीकांत जोशी, प्रमोद सिंघानिया, विनीत शर्मा, रिंकू मुरारका, गिरीश शर्मा, डॉ. आर.पी. शर्मा, अंकित बिंदल, हरि अग्रवाल, मनीष बिंदल, विकास वैष्णव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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