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समय-सीमा की बैठक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा, योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

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ब्यूरो चीफ: अनिल सिंघानिया

बेमेतरा, । जिले में शासकीय कार्यों में गति लाने एवं आमजन को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री प्रेमलता पद्माकर द्वारा जिला कार्यालय के दिशा सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जनशिकायतों एवं विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी आवेदनों, फाइलों एवं प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाए। लंबे समय से लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा गया कि अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

जनचौपाल, जनदर्शन एवं ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों के निराकरण में गंभीरता बरतें और ऐसा समाधान सुनिश्चित करें, जिससे आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही निस्तारण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को वार्षिक एवं मासिक लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। जिन विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन्हें कार्यप्रणाली में सुधार लाने एवं मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की सख्त हिदायत दी गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं ग्रामीण विकास सहित सभी प्रमुख विभागों को योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर भी विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से कोई भी कार्य प्रभावित न हो।

बैठक के अंत में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि अगली समय-सीमा बैठक तक लंबित प्रकरणों की संख्या न्यूनतम स्तर पर लाई जाए। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के संकेत भी दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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