नरेन्द्र कुमार सेन
ग्रामीण यातायात और अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
गरियाबंद, / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में आज रणजीता स्टेडियम जशपुर से प्रदेश स्तरीय प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस 04 के कार्यो का वर्र्चुअल रूप में भूमिपूजन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के स्वीकृत 774 सड़कों जिसकी कुल लंबाई 2426.875 किलोमीटर और लागत 2 हजार 225 करोड़ 44 लाख रूपये है।
इसी तरह जिला मुख्यालय के कलेक्टर सभाकक्ष में वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के 7 सड़कों, जिसकी लंबाई 18.08 किलोमीटर और लागत 14 करोड़ 23 लाख 65 हजार रूपये का अतिथियों ने विधिवित पूजा-अर्चना कर बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करने वाले इन कार्यों का शुभारंभ किया गया।
इस दौरान बिन्द्रनवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक धु्रव, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रिखीराम यादव, कलेक्टर बीएस उइके, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, नगरपालिका के उपाध्यक्ष श्री आसिफ मेमन, पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी, वरिष्ठ नागरिक अनिल चंद्राकर,सुरेन्द्र सोनटेके, जिला पंचायत सदस्य श्री लेखराम धुर्वा, श्रीमती शिवांगी चतुर्वेदी, जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष श्रीमती मीरा ठाकुर, सुरेन्द्र सोनटेके, श्रीमती पुष्पा नेगी, देशबंधु नायक, छग ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के कार्यपालन अभियंता अभिषेक पाटकर सहित बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस दौरान बिन्द्रनवागढ़ के विधायक जनक धु्रव ने कहा कि आने वाले समय में 34 और नई सड़कों की मांग की जाएगी। बिन्द्रनवागढ़ क्षेत्र के कुछ गॉवों में सड़क नही बनने से काफी असुविधा रही है। वनग्रामों में भी सड़क बननी चाहिए। ताकि ग्रामीणों को अधिक सुविधा मिल सके। विधायक जनक धु्रव ने कहा कि सड़क निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुगमता मिलेगी, कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी और स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे। उन्होंने ग्रामीणों से निर्माण कार्य में सहयोग देने और सड़क को सुरक्षित रखने की अपील भी की। पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी ने कहा कि गरियाबंद जिले में सड़कों की बहुत आवश्यकता रही है। दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को इससे लाभ मिलेगा। कलेक्टर बीएस उइके ने कहा कि नई सड़के बनने से दूरस्थ क्षेत्रों में यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे ग्रामीणों की यातायात के साथ-साथ आर्थिक संपर्क भी मजबूत होगा। इससे दूरस्थ क्षेत्र को पक्की सड़क से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगा।
छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि इसके अंतर्गत विकासखण्ड देवभोग के सुपेबेड़ा से परेवापाली तक सड़क की लंबाई 1.56 किलोमीटर बनेगी। जिसकी लागत 1 करोड़ 25 लाख 26 हजार रुपये है। इसी प्रकार विकासखण्ड गरियाबंद के मरदाकला से कारीडोंगरी तक की लंबाई 3.30 किलोमीटर है। जिसकी लागत 2 करोड़ 72 लाख 44 हजार रुपये, रावनडिग्गी से सेम्हरा तक की लंबाई 2.71 किलोमीटर जिसकी लागत 1 करोड़ 85 लाख 11 हजार रुपये है। विकासखण्ड मैनपुर के मुड़गेलमाल से स्याहीडोंगरी तक की लंबाई 3.34 किलोमीटर है। जिसकी लागत 3 करोड़ 66 हजार रुपये, भाठीगढ़ से भटगांव तक की लंबाई 0.86 किलोमीटर 64 लाख 73 हजार रुपये, कोदोभांठ से साल्हेभांठ 2.49 किलोमीटर एवं 2 करोड़ 5 लाख 72 हजार रुपये तथा अड़गडी (जरहीडीह) से कोसमबुडा 3.82 किमी एवं 2 करोड़ 69 लाख 63 हजार रुपये निर्धारित है।



